तराई बीज विकास निगम में घोटाले-फर्जी नियुक्तियों की जांच से संबंधित भाटी आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण और चमोली जिले में घराटों की जमीनी हकीकत और हरिद्वार जिले में किसानों को यूरिया न मिलने की जांच होगी। विधानसभा में 12 जून को ये मुद्दे उठने पर राज्य सरकार ने इन सभी मामलों में जांच के आदेश दे दिए हैं।
इन मुद्दों पर सरकार पक्ष और विपक्ष दोनों के निशाने पर रही।तराई बीज विकास निगम में घोटाले का मामला कार्यस्थगन के दौरान विपक्षी विधायक करन माहरा ने उठाया। उन्होंने भाटी आयोग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखने और इसमें हुई देरी की जांच कराने की मांग की।
हालांकि सरकार की ओर से संकेतों में इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। इस पर माहरा ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की, जिस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने आश्वासन दिया कि से संबंधित भाटी आयोग की जांच रिपोर्ट समेत सभी विषयों का परीक्षण कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि तराई बीज विकास निगम में भ्रष्टाचार और नियुक्तियों में अनियमितता से जुड़ी केआर भाटी आयोग की जांच रिपोर्ट का परीक्षण कराया जाएगा।
इसी तरह, हरिद्वार जिले में यूरिया संकट का मुद्दा सदन में गरमाया। कार्यस्थगन प्रस्ताव में काजी निजामुद्दीन ने चिंता जाहिर की कि जिले में यूरिया न मिलने से किसान भारी परेशानी में हैं। इस पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने जिले में यूरिया संकट की जांच के आदेश दिए। साथ उन्होंने किसानों को जल्द यूरिया उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि विभाग को 75 हजार मीट्रिक टन डिमांड मिली थी, जिसके सापेक्ष 56756 मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई है। अवशेष की आपूर्ति जून माह तक करा दी जाएगी।