इस मामले में नेता प्रतिपक्ष व कतिपय कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज हो चुका है। इसके खिलाफ विपक्षी सदस्यों में खासा गुस्सा है और वे इस मुद्दे को सदन के भीतर और बाहर जोरदार ढंग से उठाने की भरसक कोशिश करेंगे। इसके अलावा विपक्ष बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी मुद्दों पर भी सरकार से सवाल पूछेगा। विपक्ष का सरकार पर ग्रीष्मकालीन राजधानी की उपेक्षा का भी आरोप है। इस मुद्दे पर भी विपक्ष सवाल उठा सकता है।
सरकार भी पलटवार को तैयार
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के हमलावर रुख को भांपते हुए सत्तापक्ष ने पलटवार की तैयारी कर ली है। आपदा के मुद्दे पर सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों का ब्योरा तैयार कर लिया है, जिसे सदन में रखा जाएगा। सीएम धराली आपदा के बाद तत्काल उठाए गए कदमों की जानकारी सदन में रख सकते हैं। राज्य के विभिन्न इलाकों में आई आपदा में शासन और जिला प्रशासन की ओर से किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री रख सकते हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कथित धांधली के मुद्दे पर भी सरकार विपक्ष पर पलटवार करेगी।
संसदीय कार्यमंत्री के तौर पर सुबोध की परीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को संसदीय कार्यमंत्री का दायित्व सौंपा है। सत्र के दौरान सुबोध उनियाल के कौशल और धैर्य की भी परीक्षा होगी। उन्हें न सिर्फ विपक्षी हमलों के खिलाफ सरकार की ढाल बनना है बल्कि विपक्ष के सवालों और तर्कों की काट भी तलाशनी होगी। इसलिए सत्तापक्ष ही नहीं विपक्ष की निगाह भी उनियाल पर होगी।