सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सत्र की कार्यवाही शुरु हुई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही महंगाई के मामलों को कार्यस्थगन के तहत चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष कांग्रेस ने हंगामा किया। स्पीकर के नियम 58 के तहत मामले को सुनने के आश्वासन पर कांग्रेस विधायक शांत हुए। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ।
इससे पहले मंगलवार की सुबह वनाधिकार अधिनियम के मसले पर कांग्रेस नेता किशोर उपाध्याय विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए। हुआ यूं कि वनाधिकार अधिनियम पर ज्ञापन सौंपने के लिए किशोर विधानसभा में प्रवेश करना चाह रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। जिस कारण वह बाहर धरने पर बैठ गए। इस बात को लेकर काफी हंगामा हुआ। जिसके बाद किशोर को विधानसभा भवन में प्रवेश करने की अनुमति दी गई।
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते प्रदेश कांग्रेस सचिव जेपी पांडे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सत्र के पहले दिन राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की मांग पूरी न किए जाने से नाराज चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे को नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। पूर्व मंत्री व चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के मुख्य सरक्षंक धीरेंद्र प्रताप ने पांडे की गिरफ्तारी की कठोर निदा की है। कहा कि यदी जल्द पांडे को रिहा नहीं किया गया तो वह राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। राज्य आंदोलनकारी आरक्षण, गैरसैंण राजधानी, चिन्हीकरण , पेंशन व जल , जंगल जमीन के सवालों पर लगातार संघर्ष करहे हैं। वहीं कांग्रेस नेता याकूब सिद्दीकी ने पांडे की रिहाई और वनाधिकार कानून लागू करने की मांग की है।
माना जा रहा है कि कई मसलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोर आजमाइश होनी तय है। अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को भाजपा और कांग्रेस विधानमंडल दल की लंबी बैठकें चलीं। सरकार इस सत्र के पहले दिन दो विधेयक और दो अध्यादेश सदन में लेकर आ रही है। कार्यमंत्रणा समिति ने सोमवार को एक दिन का बिजनेस ही तय किया है। अन्य दिनों के बिजनेस तय करने के लिए मंगलवार शाम को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक फिर से होगी।
मानसून सत्र मंगलवार से लेकर 24 सितंबर तक प्रस्तावित किया गया है। चार दिनी सत्र में इस बार अनुपूरक बजट लाने की स्थिति नहीं बनी है। विपक्ष का वित्तीय स्थिति, पंचायतों की एसआईटी जांच, एनएच घोटाला, महंगाई, अतिक्रमण, मलिन बस्तियों से जुडे़ मसले पर सरकार की घेराबंदी का प्रयास है। वहीं, सरकार हर सवाल का मजबूती से जवाब देने की तैयारी में है। इन स्थितियों के बीच, सोमवार को स्पीकर प्रेेम चंद्र अग्रवाल ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। उन्होंने सभी पक्षों से सदन की कार्यवाही सुचारु ढंग से चलाने के लिए सहयोग मांगा।
पहले दिन आएंगे ये अध्यादेश-विधेयक
उत्तराखंड सेवानिवृत्ति लाभ अध्यादेश-2018 और उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरण हेतु विशेष प्राविधान-2018 अध्यादेश सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा, उत्तराखड-उ.प्र. शीरा नियंत्रण अधिनियम 1964 संशोधन विधेयक-2018 और न्यायालय शुल्क संशोधन विधेयक-2018 को भी पेश किया जाएगा। राजभवन ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग संशोधन विधेयक-2018 को पुनर्विचार के लिए लौटाया है। यह मामला भी सदन में आएगा।