जो मौके पर जाकर वस्तु स्थिति का पता लगाकर रिपोर्ट देगी। बावजूद इसके असंतुष्ट विपक्ष एक बार फिर वेल पर आ गया। जोरदार नारेबाजी हुई और बाद में कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
वह बाहर विधान मंडल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस के विधायक भोजनावकाश के बाद की कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए। विपक्ष की गैरमौजूदगी में ही सरकार ने सदन के पटल पर दो विधेयक रखे। इसके अलावा, राज्यपाल के बजट अभिभाषण पर भी चर्चा हुई।
जहरीली शराब से मौतें हृदयविदारक हैं। दुखद हैं, मैं श्रद्धांजलि देता हूं। ऐसे मामलों में जन जागरुकता के व्यापक अभियान की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो घटनास्थल पर जाएगी। कारण, निदान, जागरुकता कैसे हो, जैसी तमाम बातों पर विधानसभा में अपनी रिपोर्ट यह कमेटी देगी।
-प्रेम चंद्र अग्रवाल, स्पीकर।
सरकार इस मामले में संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। एसआईटी को विपक्ष हल्के में ले रहा है, जबकि इसके ठोस परिणाम सामने आएंगे। हम इस बुराई को ‘रूट आउट’ करने पर काम कर रहे हैं। ऐसे मामलों के लिए इसी सत्र में कठोर कानूनी प्रावधान करने का मैं सदन से वादा करता हूं।
-प्रकाश पंत, आबकारी मंत्री।
सात फरवरी की घटना पर सरकार 11 फरवरी को एसआईटी की बात करती है, इस मामले में उसकी गंभीरता के और क्या प्रमाण हो सकते हैं? एहतियातन कुछ नहीं किया गया और अब ताबड़तोड़ कार्रवाई की बात कही जा रही है। सीएम और आबकारी मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
-प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस