सदन पटल पर पेश उत्तराखंड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अध्यादेश 2019 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण अभ्यर्थियों को राज्य सरकार, उसके अधीन, स्वामित्व व नियंत्रण वाली सभी संस्थाओं व संस्थानों की नौकरियों में 10 प्रतिशत का आरक्षण देगी। इस श्रेणी में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है जिनकी वार्षिक आय वेतन, कृषि, व्यवसाय या अन्य पेशे से कुल आठ लाख रुपये से कम है। ये लाभ उन परिवारों के सदस्यों को नहीं मिलेगा, जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है। आवासीय भवन 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक है। अधिसूचित नगरपालिकाओं में 100 वर्ग गज या उससे अधिक के आवासीय भूखंड (प्लाट) है।
समूह ग के अधिनियम में संशोधन का विधेयक आया
उत्तराखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों के समूह ग के पदों में ज्यादा अवसर उपलब्ध कराने को लेकर प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (संशोधन) विधेयक, 2019 सदन पटल पर पेश किया। प्रदेश में समूह ग के पदों के लिए सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण की शर्त न्यायालय द्वारा हटाए जाने के बाद सरकार ये संशोधन विधेयक लेकर आई है। इसके तहत उन्हीं अभ्यर्थियों को समूह ग के पदों के लिए पात्र माना जाएगा, जिन्होंने उत्तराखंड में रह कर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। विधेयक में यही संशोधन किया गया है।
एक और निजी विश्वविद्यालय को मिलेगी मंजूरी
प्रदेश सरकार ने देहरादून में एक और निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के पटल पर हिमालयी आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 पेश किया। यह विवि ग्राम फतेहपुर टांडा, जीवनवाला देहरादून में स्थापित होगा।
अधिनियम बनें
उत्तराखंड विनियोग (वर्ष 2018-19 का प्रथम अनुपूरक) विधेयक ,2018 राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिनियम बन गया।
उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950)(अनुकूलन एवं उपांतरण आदेश,2001)(संशोधन) विधेयक 2018 प्रदेश का 36वां अधिनियम बना।