प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 25 प्रतिशत ज्यादा बजट मांगा है। सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर 21 और 22 जनवरी को दिल्ली में होने वाली बैठक में प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
एनएचएम के तहत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में केंद्र से 500 करोड़ के बजट की मांग की है। चालू वित्तीय वर्ष में एनएचएम में 400 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था, जिसमें करीब 250 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।
वहीं, प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर भी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1800 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। इसमें से अब तक कितना बजट खर्च हुआ है, इस पर शासन ने स्वास्थ्य निदेशालय से रिपोर्ट मांगी है। जिससे वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले शेष राशि को व्यय करने के लिए अनुमति दी जा सके।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार से इस बार और अधिक बजट मांगा गया है। वहीं, दिसंबर तक स्वास्थ्य सेवाओं पर कितना बजट खर्च किया गया है, इसका आकलन कराया जा रहा है।
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डॉ.पंकज कुमार पांडे, प्रभारी सचिव, स्वास्थ्य विभाग