धंस रही शिवलिंग की जलेरी
पंडित हरीश भट्ट ने बताया कि गर्भगृह में बारिश होने पर लगातार पानी टपक रहा है। शिवलिंग की जलेरी धंस रही है। साथ ही मंदिर के समीप ही सीवेज लाइन से भी दिक्कतें आ रही हैं। अधीक्षण पुरातत्व मनोज सक्सेना ने कहा कि मंदिर से लेकर परिसर में जो भी गड़बड़ी दिखाई दी है उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा। जल्द ही एक टीम दोबारा आवश्यक उपकरणों के साथ मंदिर का सर्वे करेगी। मंदिर के गर्भगृह व बाहर ड्रेनेज सिस्टम सुधारा जाएगा।
प्राचीन त्रिशूल और लिपि के संरक्षण की मांग
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने पुजारियों व हक-हकूकधारियों के साथ बात की। हक हकूकधारी हरीश भट्ट, महादेव, डॉ. अरविंद भट्ट, क्रांति भट्ट, उमेश, मनीष नेगी, महेंद्र नेगी, प्रवीण भट्ट आदि ने मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन त्रिशूल और मंदिर व आसपास की दीवारों पर प्राचीन लिपि के संरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि दुर्लभ लिपि मंदिर व आसपास के पत्थरों पर लिखी गई है, उन्हें लिपि विशेषज्ञों की ओर से पढ़ने की व्यवस्था कराई जाए जिससे पता चल सके कि प्राचीन भाषा में इन पर क्या लिखा गया है। हक-हकूकधारियों ने मंदिर के आसपास जल व सीवर निकासी को दुरुस्त करने की मांग की।