जिला एवं सत्र न्यायालय के आदेश के आलोक में सिविल जज (सी.डि)/ एसीजेएम ने इस मुकदमे में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एएसपी काशीपुर को आदेशित किया कि इस मामले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग से टीमें गठित की जाएं। साथ ही टीम में शामिल पुलिस कर्मियों की लोकेशन की निगरानी कर आरोपियों की गिरफ्तारी 23 अक्तूबर से पूर्व सुनिश्चित की जाए। ऐसा करने में कोताही बरतने पर इसे सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट व जिला न्यायालय के आदेशों की अवमानना माना जाएगा। एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि 16 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त हो चुके हैं। इस संबंध में पुलिस टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिशें दी जाएंगी।
आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
जसपुर में एनएच पर यातायात अवरुद्ध करने और उन्माद फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद जसपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2019 को ग्राम मनोरथपुर निवासी हरप्रीत सिंह हैप्पी और पतरामपुर निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। बाद में अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर दी थी।
कानूनी पहलुओं पर कर रहे विचार
विधायक हरभजन सिंह चीमा के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने बताया कि विधायक चीमा ने अपनी गिरफ्तारी पर स्टे के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने सरेंडर करने पर उसी दिन जमानत अर्जी का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं। अमरीश ने बताया कि अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है।
सचिन उर्फ गुड्डू हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर कोतवाली के गेट के सामने जाम लगाकर लोकशांति भंग करने के आरोप में विचाराधीन मुकदमे में भी एसीजेएम कोर्ट ने पूर्व सांसद बलराज पासी समेत 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
वर्ष 2013 में हुए सचिन हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर भाजपा नेताओं ने कोतवाली गेट पर धरना दिया था। भाजपा के तमाम प्रांतीय नेता व विधायक भी धरना स्थल पर पहुंचे थे। मामले में पुलिस की ओर से कोतवाली में पूर्व सांसद बलराज पासी, भाजपा नेता राम मेहरोत्रा, ईश्वर चंद्र गुप्ता, गुरविंदर सिंह चंडोक, अजय शर्मा, बाबूराम शर्मा, गगन कांबोज, भगत सिंह, जसपुर निवासी मनोज पाल व खिलेंद्र चौधरी आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एक वर्ष पूर्व भाजपा सरकार ने जनहित में मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया था। इस मामले में एपीओ अनुज कुमार साहनी की ओर से मुकदमा वापसी के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद आवेदन खारिज कर दिया था। अदालत ने इस मामले में पूर्व सांसद समेत सभी 12 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वांरट जारी कर दिया है।