अब इस साल शिक्षकों के तबादलों के लिए नई नियमावली बनाई जा रही थी। सरकार हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में इस नियमावली को बना रही है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक नियमावली को कार्मिक की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन नई नियमावली से तबादलों के लिए समय कम है।
ऐसे में इस बार तबादला एक्ट 2017 के तहत ही शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। खास बात यह है कि 10 प्रतिशत से अधिक तबादले न किए जाने का प्रतिबंध नहीं रहेगा। सुगम और दुर्गम क्षेत्र में जिन शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को एक ही स्थान पर 10 साल या इससे अधिक हो चुके हैं। उन्हें तबादलों के दायरे में लाया जाएगा।
तबादला एक्ट के तहत सुगम से दुर्गम में तबादले का मानक
सुगम से दुर्गम क्षेत्र में तबादले का मानक बनाया गया है। ऐसे कार्मिक जो सुगम क्षेत्र में चार साल या उससे अधिक की अवधि से तैनात हैं। उनका दुर्गम क्षेत्र में तबादला किया जाएगा
दुर्गम से सुगम में अनिवार्य तबादले का मानक
दुर्गम क्षेत्र में ऐसे कर्मचारी जिनकी तीन साल या उससे अधिक की सेवा हो चुकी है। उनका सुगम क्षेत्र में अनिवार्य तबादला किया जाएगा।
तबादले होंगे पर नहीं मिलेगा टीए, डीए
शिक्षा विभाग में 70 हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी तैनात हैं। सरकार की मंशा है कि तबादलों के लिए 10 प्रतिशत से अधिक तबादले न किए जाने के प्रतिबंध को हटाकर अधिक से अधिक शिक्षकों के सुगम, दुर्गम क्षेत्र में तबादले किए जाएं। जिन शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे उन्हें टीए, डीए नहीं दिया जाएगा।
पर्वतीय जिलों में जिन शिक्षकों की सेवा 10 साल से अधिक हो चुकी है, यदि वे शिक्षक सुगम में आना चाहते हैं तो उनके सुगम क्षेत्र में तबादले किए जाएंगे।
- डॉ.धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री