मौजूदा समय में यहां चार स्थायी कर्मचारी हैं और यह कर्मी रेडियो पर प्रसारित होने वाले विविध भारती के कार्यक्रमों को सेटेलाइट से प्राप्त कर अपने ट्रांसमीटर से एफएम पर प्रसारित करते हैं। यहां एफएम का 100 वाट का ट्रांसमीटर स्थापित किया गया है, जिस पर विविध भारती के कार्यक्रम प्रसारित होते हैं। अब आकाशवाणी केंद्र सिर्फ रिले स्टेशन के रूप में संचालित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के साथ ही अधिकारियों की उदासीनता के कारण आकाशवाणी केंद्र शोपीस है। युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का यह सशक्त मंच था, लेकिन अनदेखी के कारण आज हमारे सामने ही सरकार का यह उपक्रम दम तोड़ रहा है।
- विजय वशिष्ठ, अध्यक्ष, अक्षत नाट्य संस्था, गोपेश्वर, चमोली
शुरुआत में आकाशवाणी के स्टूडियो में लोक भाषा में कार्यक्रम हुए, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण यह केंद्र अपने उद्देश्य पर खरा नहीं उतर पा रहा है। कई बार उच्च अधिकारियों से भी इस संबंध में पत्राचार किया गया। स्थानीय लोगों को इसे संचालित करने के लिए आवाज उठानी चाहिए थी, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
- आरसी बड़थ्वाल, सहायक निदेशक, आकाशवाणी केंद्र, गोपेश्वर