स्थान किराया (रुपये में)
जौलीग्रांट से टिहरी 2903
टिहरी-श्रीनगर 2903
श्रीनगर से गौचर 2903
जौलीग्रांट से गौचर 8709
जौलीग्रांट से टिहरी, श्रीनगर और गौचर के लिए हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी। एयरपोर्ट से सुबह 9.40 बजे पवन हंस का हेलीकाप्टर उड़ान भरेगा और 10.05 बजे टिहरी पहुंचेगा।
यहां से 10.35 बजे श्रीनगर के लिए चलेगा और 11 बजे श्रीनगर पहुंचेगा। श्रीनगर से 11.30 बजे चलेगा और 11.50 बजे गौचर पहुंचेगा। इसी दिन 12 बजकर 20 मिनट पर गौचर से श्रीनगर, टिहरी होते हुए जौलीग्रांट वापस आएगा।
हवाई सेवा के लिए एक लैग यानी जौलीग्रांट से टिहरी का किराया 2903 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। हवाई सेवा से जौलीग्रांट से टिहरी मात्र 25 मिनट में पहुंच सकते हैं। सरकार का मानना है कि हवाई सेवा से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मौसम खराब होने की वजह से टिहरी से हवाई सेवा शुरू नहीं हो पाई। अब मौसम साफ रहने पर जौलीग्रांट-टिहरी-श्रीनगर-गौचर हवाई सेवा 31 जुलाई को हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
बुधवार को देहरादून के जौलीग्रांट से हवाई सेवा टिहरी के लिए शुरू हुई थी। सुबह 10 बजे पवन हंस कंपनी का हेलीकॉप्टर ने जौलीग्रांट से टिहरी के लिए उड़ान भरी थी, जिसमें छह लोग बैठे थे। लेकिन नरेंद्रनगर की आसपास की पहाड़ियों में घना कोहरा लगा होने के कारण पायलट हेलीकॉप्टर को वापस जौलीग्रांट ले गया।
हवाई सेवा शुरू होने की सूचना पर स्थानीय विधायक डा. धन सिंह नेगी समेत बड़ी में भाजपा कार्यकर्ता कोटी कालोनी स्थित हेलीपैड में यात्रियों के स्वागत के लिए मौजूद थे। बावजूद हेलीकॉप्टर के नहीं पहुंचने पर उन्हें निराश लौटना पड़ा।
विधायक ने बताया कि मौसम साफ रहने पर 31 जुलाई से हवाई सेवा शुरू होगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल, जिला पंचायत सदस्य विनोद बिष्ट, पूर्व प्रमुख बेबी असवाल, उदय रावत, विक्रम कठैत, रविंद्र सेमवाल, भूपेंद्र चौहान, त्रिलोक बिष्ट, पवन शाह, दिवान सिंह नेगी, पंकज बरवाण आदि मौजूद थे।
हेलीकॉप्टर का इंतजार करते रह गए अधिकारी
खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच पाई। वहीं, श्रीनगर से करीब पांच किमी दूर जीवीके हेलीपैड पर अधिकारी हेलीकॉप्टर का इंतजार करते रहे गए। स्थानीय भरत सिंह रावत का कहना है कि श्रीनगर में केंद्र व राज्य के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज हैं। व्यापारी राजीव विश्नाई का कहना है कि यदि देहरादून के लिए हवाई सेवा शुुरू हो जाए, तो गंभीर मरीजों को हायर सेंटर भेजने मेें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।