मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
डीएम ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए एसडीएम भटवाड़ी को जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं, सात बिंदुओं की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
सीएम ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री हादसे पर शोक जताया। वहीं, उन्होंने स्थानीय प्रशासन को तेजी से राहत-बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।
हादसे पर राज्यपाल ने जताया शोक
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उत्तरकाशी जिले में हुई वाहन दुर्घटना में मृतक व्यक्तियों के प्रति शोक जताया है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्यपाल ने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
गंगोत्री हाईवे पर पहले भी हुई हैं कई दुर्घटनाएं
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी में पहले भी बड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं। 1995 में हुए बस हादसे में 70 और 2017 में हुए बस हादसे में 30 लोगों की जिंदगी लील ली थी। जिले में डबराणी, गंगनानी और नालूपानी का हादसे की दृष्टि से काला इतिहास रहा है।
1. 20 सितंबर 1995 को गंगोत्री हाईवे पर डबराणी में हुए बस हादसे में 70 लोगों की जान गई थी।
2. 9 जून 2003 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में कार हादसे में 4 लोगों की मौत हुई थी।
3. 9 जुलाई 2006 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में बस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई थी।
4. 21 जुलाई 2008 को गंगोत्री हाईवे पर सुक्की में बस हादसे में 14 लोगों की मौत हुई थी।
5. 10 दिसंबर 2009 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में मैक्स हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी।
6. 9 जून 2010 को गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी में कार हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।
7. 1 अगस्त 2010 को गंगोत्री हाईवे पर डबराणी में ट्रक हादसे में 27 लोगों की मौत हुई थी।
8. 21 मई 2017 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में बस हादसे में 30 लोगों की मौत हुई थी।
9. 7 जून 2022 को यमुनोत्री हाईवे पर डाम्टा में बस हादसे में 26 लोगों की मौत हुई थी।