पंचायत निदेशालय के स्तर पर स्थापित होने वाली इस व्यवस्था में एक बार में पंचायत विभाग दस हजार लोगों से अलग-अलग संचार माध्यमों से जुड़ सकेगा। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर गांव का कोई भी व्यक्ति इस डेस्क को अपनी समस्या बता सकेगा और सरकारी योजनाओं से लेकर अन्य मामलों में परामर्श ले सकेगा।
पंचायत विभाग का कहना है कि यह हेल्प डेस्क सिर्फ पंचायत के लिए नहीं है। पंचायत को संविधान के तहत सौंपे गए 29 विषयों शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सफाई आदि से संबंधित विभाग भी इसमें शामिल हैं।