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उत्तराखंड: 31 मार्च के बाद कभी भी जा सकती है प्रदेश के 500 से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी, ये है वजह

Fri, 29 Mar 2019 04:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षक - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रदेश के 500 से अधिक शिक्षामित्रों, औपबंधिक व तदर्थ शिक्षकों की नौकरी 31 मार्च के बाद कभी भी जा सकती है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 31 मार्च 2019 तक ब्रिज और टीईटी कोर्स पास नहीं करने वाले अप्रशिक्षित शिक्षामित्रों को अतिरिक्त समय देने से इंकार कर दिया है। इससे पूरे देश में हजारों शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। 

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चार साल का समय दिए जाने के बावजूद तमाम शिक्षकों ने अर्हता पूरी नहीं की। राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि अतिरिक्त समय देने की मांग की गई थी, लेकिन मंत्रालय ने इससे इंकार कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि हमें शिक्षकों की नौकरी की चिंता है, लेकिन इससे ज्यादा चिंता उन बच्चों की है जिन्हें अप्रशिक्षित शिक्षक पढ़ा रहे हैं।

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विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को राहत

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस आदेश के बावजूद राज्य के 16608 विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की नौकरी पर आंच नहीं आएगी। केंद्र सरकार ने इन शिक्षकों को भी 31 मार्च 2019 तक ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण करने के निर्देश दिए थे। 

लेकिन, संसद में पास हुए बिल से इन शिक्षकों को इस बाध्यता से राहत मिल गई थी। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि मंत्रालय ने शुक्रवार को विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के मुद्दे पर दिल्ली में उत्तराखंड सरकार, एनसीटीई और एनसीईआरटी अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
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