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उत्तराखंड: नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़े 39 लाख गोल्डन कार्ड, देश के किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकेंगे मरीज

Thu, 07 May 2020 02:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • इमरजेंसी सेवा को छोड़ कर बाकी इलाज के लिए रहेगी रेफर की व्यवस्था
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत 39 लाख गोल्डन कार्ड नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब गोल्डन कार्ड पर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पताल में इलाज कर सकेंगे। लेकिन सरकारी अस्पताल से रेफर की व्यवस्था रहेगी।

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प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना में दो तरह के गोल्डन कार्ड धारक है। एक तो केंद्र की आयुष्मान योजना में प्रदेश के 5.37 लाख परिवार शामिल हैं। जबकि त्रिवेंद्र सरकार ने अपने संसाधनों से 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया। जिसमें पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है।

राज्य आयुष्मान योजना में बने गोल्डन कार्ड पर प्रदेश के अंदर पंजीकृत 174 सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा दी थी। अब नेशनल पोर्टेबिलिटी से इन्हें भी जोड़ दिया गया है। इसके बाद सभी गोल्डन धारकों को देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

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अस्पतालों को 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा प्रोत्साहन

नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बॉयो साइंस एंड ह्यूमन (एनआईबीएच) से प्रमाणित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने पर 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों को पहले से ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त इनसेंटिव दिया जाता है।

जिला          गोल्डन कार्ड धारक
अल्मोड़ा          207807
बागेश्वर           89620
चमोली           155751
चंपावत           82730
देहरादून          821696
हरिद्वार            631623
नैनीताल         346406
पौड़ी               262848
पिथौरागढ़      159276
रुद्रप्रयाग         92702
टिहरी             259852
ऊधमसिंह नगर  609345
उत्तरकाशी      147043

प्रदेश के सभी गोल्डन कार्ड धारक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब कार्ड धारक मरीज प्रदेश के बाहर किसी भी पंजीकृत अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। इसके लिए रेफर की व्यवस्था रहेगी।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण

 
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