पर्वतीय मार्गों पर छह वर्ष के बाद नीलाम हो जाने वाली निगम की बसें एक साल और चलेंगी। बोर्ड ने पर्वतीय मार्गों पर चलने वाली बसों की आयु छह वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष और मैदानी मार्गों पर छह वर्ष से बढ़ाकर आठ वर्ष कर दी है। आठ लाख किमी की सीमा भी निर्धारित की गई है। इससे निगम 1250 बसों के बेड़े में से करीब 300 बसों की आयु बढ़ जाएगी।
कोरियर सेवा से आमदनी बढ़ाएगा निगम
बसों का संचालन ठप होने से रोडवेज की कमाई खत्म हो गई है। आमदनी बढ़ाने के लिए बोर्ड ने निगम को कोरियर सेवा, माल परिवहन सरीखे अन्य स्रोतों से आय बढ़ाने का सुझाव दिया।
शादी विवाह में निगम की बसों में छूट
बैठक में फैसला हुआ कि निगम की साधारण बसों को टूर, शादी विवाह व सामाजिक कार्यों में लगाया जाएगा। इसके लिए वर्तमान चार्टर दरों में पीक सीजन में 10 प्रतिशत और लीन सीजन में 20 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
उत्तराखंड परिवहन निगम को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 174 करोड़ 22 लाख के घाटे का अनुमान है। कोरोना के कारण पिछले छह महीने से निगम को आय नहीं हुई। 2019-21 में उसका घाटा 136 करोड़ 14 लाख 50 हजार के करीब था।
ये भी हुए निर्णय
- निगम की जो भूमि उपयोग नहीं हो रही उस पर विकास प्राधिकरण व पर्यटन विभाग से बात करके व्यावसायिक योजना तैयार होगी। निदेशक मंडल से सहमति ली जाएगी।
- ट्रांसपोर्ट नगर देहरादून स्थित कार्यशाला की 2000 वर्ग मीटर भूमि व्यावसायिक दरों पर गैस अथॉरिटी इंडिया को सीएनजी पंप लगाने को सहमति।
- संपत्ति बंटवारे के तहत 28 करोड़ रुपये देने के उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ यूपी के सुप्रीम कोर्ट जाने पर परिवहन निगम को केविएट लगाए जाने की अनुमति मिली।