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उत्तराखंड: 3500 संविदा चालक-परिचालकों को हर महीने मिलेंगे 9124 रुपये

Wed, 16 Sep 2020 11:22 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • उत्तराखंड परिवहन निगम के बोर्ड की बैठक में बनी सहमति
  • मृतक आश्रितों को संविदा के आधार पर मिलेगी नौकरी
  • निगम की बसों की आयुसीमा बढ़ी, बेड़े में बनी रहेंगी करीब 300 बसें
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पैसे - फोटो : pixabay
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विस्तार
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कोरोनाकाल में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे उत्तराखंड परिवहन निगम के संविदा विशेष श्रेणी चालकों और परिचालकों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित जीवन निर्वाह के तौर पर हर महीने 9124 रुपये दिए जाएंगे। उत्तराखंड परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में इस पर सहमति बनी है। इस निर्णय से करीब साढ़े तीन हजार संविदा विशेष श्रेणी चालक-परिचालक लाभान्वित होंगे। वहीं, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इसे नाकाफी बताया है।

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 मंगलवार को अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी (जो बोर्ड की अध्यक्ष हैं) की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अन्य प्रस्तावों पर भी सहमति बनी और फैसले भी लिए गए। बोर्ड ने निगम के मृतक आश्रितों को संविदा के आधार पर नियुक्ति देने का फैसला किया है।

पिछले तीन साल से 200 से अधिक मृतक आश्रित निगम से नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। लेकिन बोर्ड ने निगम की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संविदा पर ही नियुक्ति देने का फैसला किया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजने का निर्णय हुआ है।

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निगम की बसों की आयुसीमा बढ़ाई

पर्वतीय मार्गों पर छह वर्ष के बाद नीलाम हो जाने वाली निगम की बसें एक साल और चलेंगी। बोर्ड ने पर्वतीय मार्गों पर चलने वाली बसों की आयु छह वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष और मैदानी मार्गों पर छह वर्ष से बढ़ाकर आठ वर्ष कर दी है। आठ लाख किमी की सीमा भी निर्धारित की गई है। इससे निगम 1250 बसों के बेड़े में से करीब 300 बसों की आयु बढ़ जाएगी।

कोरियर सेवा से आमदनी बढ़ाएगा निगम
बसों का संचालन ठप होने से रोडवेज की कमाई खत्म हो गई है। आमदनी बढ़ाने के लिए बोर्ड ने निगम को कोरियर सेवा, माल परिवहन सरीखे अन्य स्रोतों से आय बढ़ाने का सुझाव दिया।

शादी विवाह में निगम की बसों में छूट
बैठक में फैसला हुआ कि निगम की साधारण बसों को टूर, शादी विवाह व सामाजिक कार्यों में लगाया जाएगा। इसके लिए वर्तमान चार्टर दरों में पीक सीजन में 10 प्रतिशत और लीन सीजन में 20 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
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136 करोड़ से 174 तक पहुंचा घाटा

उत्तराखंड परिवहन निगम को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 174 करोड़ 22 लाख के घाटे का अनुमान है। कोरोना के कारण पिछले छह महीने से निगम को आय नहीं हुई। 2019-21 में उसका घाटा 136 करोड़ 14 लाख 50 हजार के करीब था।

ये भी हुए निर्णय
- निगम की जो भूमि उपयोग नहीं हो रही उस पर विकास प्राधिकरण व पर्यटन विभाग से बात करके व्यावसायिक योजना तैयार होगी। निदेशक मंडल से सहमति ली जाएगी।
- ट्रांसपोर्ट नगर देहरादून स्थित कार्यशाला की 2000 वर्ग मीटर भूमि व्यावसायिक दरों पर गैस अथॉरिटी इंडिया को सीएनजी पंप लगाने को सहमति।
- संपत्ति बंटवारे के तहत 28 करोड़ रुपये देने के उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ यूपी के सुप्रीम कोर्ट जाने पर परिवहन निगम को केविएट लगाए जाने की अनुमति मिली।
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