सीएमओ ने कहा कि बृहस्पतिवार को हुई समीक्षा बैठक में डीएम की ओर से दिए निर्देश के क्रम में आशाओं को हटाने और नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके चलते नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया गया है।
आशा कार्यकर्ता ऑफलाइन सर्वे के लिए तैयार हैं। लेकिन विभाग ने ऑनलाइन सर्वे का आदेश दिया है। ऑनलाइन सर्वे के लिए न तो स्मार्ट फोन दिया गया है और न ही डाटा उपलब्ध कराया गया। ऐसी स्थित में वे सर्वे नहीं कर सकती हैं। इसे लेकर शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताएं प्रदर्शन करेंगी। विभाग फोन और प्रशिक्षण देगा, तो हम सर्वे करेंगे। हम तीन माह से कोरोना के दौर में लगातार ड्यूटी दे रहे हैं।
रुकमणि जोशी, ब्लाक अध्यक्ष,आशा कार्यकर्ता संगठन, चंपावत।
कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं का सर्वे नहीं करने का निर्णय कतई ठीक नहीं है। आशा कार्यकर्ताओं का तीन साल पुराना बकाया भी दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि देने का भी एलान किया गया है। काम नहीं करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के स्थान पर नई आशा कार्यकर्ताओं को रखने का स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निर्णय लिया गया है।
सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत।