वित्तीय वर्ष के अंत में देना होता है पीडब्ल्यूपी का प्रमाण पत्र
पीसीबी में ईपीआर प्लान जमा करने के बाद प्लास्टिक उत्पादक कंपनियों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर रिसाइकिलिंग के लिए पंजीकृत प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेर्सस (पीडब्ल्यूपी) कंपनियों से प्रमाण पत्र लेकर जमा करना होता है। ऐसा नहीं करने पर भी एनओसी को निरस्त किया जा सकता है। सीपीसीबी की साइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में पंजीकृत पीडब्ल्यूपी कंपनियों की संख्या 1428 है। जो कंपनियों से प्लास्टिक वेस्ट लेकर उसका रिसाइकिलिंग करती हैं और इसके बाद कंपनियों को इसका प्रमाण पत्र देती हैं।
कंपनियों को नोटिस रिसीव कराने का काम शुरू
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रिजनल ऑफिसर्स के माध्यम किसी न किसी रूप में प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को बंदी का नोटिस थमाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को अलग-अलग जिलों में यह चलता रहा। पीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि जो कंपनियां नोटिस रिसीव नहीं करेंगी, उनके गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया जाएगा। इस बीच तमाम कंपनियों में पहले की तरह सुचारू रूप से काम चलता रहा।
प्रकाशित नोटिस में नहीं था ईपीआर का जिक्र
पीसीबी की ओर से 15 जुलाई को तमाम समाचार पत्रों में जारी एक विज्ञप्ति में कंपनियों को अधिनियम के तहत पंजीकरण कराने के लिए सूचना प्रसारित की गई थी, लेकिन लिखा गया था कि कंपनियां प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल के अंतर्गत निर्धारित समयसीमा में पंजीकरण कराना सुनिश्चत करें। लेकिन इसमें कहीं भी ईपीआर प्लान का जमा कराए जाने का जिक्र नहीं था। इस संबंध में पीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि जब अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है तो यह जरूरी नहीं है कि कि हर चीज का विज्ञापन अखबार में प्रकाशित कराया जाए।