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'लापता' हुए उत्तरकाशी के डीएम, दो दिन तक नहीं ढूढ़ पाई पुलिस

Sat, 05 Sep 2015 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के आपदा प्रभावित उत्तरकाशी जिले के कलक्टर इंदुधर बौड़ाई की गुमशुदगी सुर्खियां बन गईं। मुख्य सचिव राकेश शर्मा के आदेश के बाद देहरादून व उत्तरकाशी की पुलिस 48 घंटे तक बौड़ाई को खोजती रही, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
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डीएम शिविर कार्यालय से लेकर देहरादून में उनके निजी आवास तक सभी  संभावित ठिकानों पर पुलिस ने उन्हें तलाशा, लेकिन वह नहीं मिले। शुक्रवार को अचानक प्रकट हुए तो वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने न केवल उनकी जमकर क्लास ली, बल्कि स्पष्टीकरण भी मांगा।

उत्तरकाशी उन पांच आपदा प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां दैवी आपदा का सर्वाधिक असर रहता है। दो दिन पहले मुख्य सचिव को कलक्टर उत्तरकाशी की जरूरत पड़ी तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद मोबाइल, लैंडलाइन, घर, दफ्तर और उन तमाम सरकारी ठिकानों पर उन्हें तलाशा गया जहां वे उपलब्ध हो सकते थे। लेकिन सरकारी तंत्र चाहकर भी 48 घंटे तक कलक्टर उत्तरकाशी को लोकेट नहीं कर पाया।
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प्रशासन में हड़कंप, ढू़ढ़ने में लगी इंटलीजेंस

पहाड़ी जिले में कलक्टर का इतने लंबे समय तक गायब रहना शासन को भी चिंता में डाल गया। मुख्य सचिव का माथा ठनका तो इशारा पाते ही देहरादून और उत्तरकाशी की पुलिस फोर्स व इंटेलीजेंस सक्रिय हो गई।

दोनों जिलों के पुलिस कप्तानों को हिदायत दी गई कि साइलेंटली आपरेशन चलाकर डीएम की लोकेशन पता की जाए। लेकिन उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी।

शुक्रवार को मुख्य सचिव की जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग थी। इसमें कलक्टर उत्तरकाशी भी आए तो सीएस उन्हें देखकर भड़क उठे। सीएस ने उनकी लोकेश जाननी चाही, लेकिन हड़बड़ाहट में वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

इस पर मुख्य सचिव ने इतना डांटा कि कलक्टर का मोबाइल हाथ से नीचे गिर गया। इसी बीच सीएस थोड़े नरम हुए और उन्हें लिखित में स्पष्टीकरण देने को कहा। यह वाकया शासन में सुर्खियां तो बना हुआ है, लेकिन ऊपर से नीचे तक कोई कुछ बोलने का तैयार नहीं है।
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