कैबिनेट बैठक में गैरसैंण में विधानसभा का सत्र बुलाने संबंधी प्रस्ताव सबसे अहम है। बैठक में सत्र की तारीखों (संभवत: आठ-नौ नवंबर) पर भी मुहर लगनी है। वहीं, करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा करके फैसला किया जाएगा।
गैरसैंण को उत्तराखंड की राजधानी बनाने की कवायद लंबे समय से चल रही है। इसी के मद्देनजर यहां विधानसभा के अलावा सचिवालय और अधिकारियों के निवास समेत तमाम कार्य तेजी से हो रहे हैं। राज्य के लिए यह चुनावी मुद्दा भी बना हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल नवनिर्मित विधानसभा में जल्द से जल्द सत्र के आयोजन को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं।
दशहरे के पूर्व ही सत्र आयोजन की तैयारी थी, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। इधर, उच्च स्तर पर चर्चा के बाद यह तय हुआ कि नवंबर में गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित किया जाएगा। इससे संबंधित एक अहम प्रस्ताव बृहस्पतिवार की कैबिनेट में रखा जाएगा, जिसमें 8-9 नवंबर के अलावा कुछ अन्य तिथियों के विकल्प भी रखे जाएंगे। उधर, गोपन में शाम तक नौ प्रस्तावों के आने की खबर है। वहीं तमाम प्रस्ताव बैठक शुरू होने के ऐन पहले भी रखे जाएंगे।
शंका-आशंका के बाद हुई तैयारी
सरकार में शामिल कुछ अहम लोगों की मानें तो विधानसभा सत्र आहूत करने को लेकर तमाम आशंकाएं थीं। यह आशंका इस बात को लेकर थी कि चुनावी दौर में कहीं विपक्ष 18 मार्च वाली घटना को दुहरा न दे।
इस मुद्दे पर चल रही अहम बैठक में एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष ऐसा कुछ करता है तो वह अपनी जड़ों में मट्ठा डालने जैसा होगा। इस बार सरकार गिराने का प्रयास हुआ तो मैसेज यही जाएगा कि सरकार को बार-बार अस्थिर करने के प्रयास किया जा रहा है। उधर, सत्र बुलाए जाने पर गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर हो रही कवायद को भरपूर बल मिलेगा। यानी दोनों ही तरह से कांग्रेस को चुनाव में लाभ मिलना तय है।