कालसी थानाध्यक्ष विपिन बहुगुणा ने बताया कि मृतकों की पहचान लाखीराम (28) पुत्र उणिया निवासी बनगांव थाना कैंपटी जिला टिहरी गढ़वाल, गेंदा (45) पुत्र केवलू, साइना (32) पत्नी गेंदा दोनों निवासी घणता तहसील चकराता और विक्की (23) पुत्र जगालू निवासी लावड़ी लाखामंडल चकराता के रूप में हुई है। वहीं, दीपक उर्फ छोटू पुत्र भरत लाल निवासी खरसौन नैनबाग टिहरी गढ़वाल और नवीन पुत्र अन्नो निवासी ग्राम दौरो लाखामंडल अब भी लापता हैं।
मालूम हो कि बीते सोमवार को विकासनगर से खत बौंदूर के लावड़ी गांव जा रहा एक यूटिलिटी वाहन शाम करीब चार बजे हथियारी के पास अनियंत्रित होकर यमुना नदी में जा गिरा था। सड़क से गुजर रहे लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने हादसे में छिटक केर दूर जा गिरे चालक प्रवेश कुमार पंवार पुत्र नेपाल सिंह निवासी लावड़ी को नदी किनारे से बेहोशी की हालत में रेस्क्यू किया था।
चालक के बेहोशी की हालत में होने से वाहन में कुल कितने लोग सवार थे, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी थी। वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार वाहन में छह से सात लोगों के होने की बात कही जा रही थी। नदी किनारे पुलिस को कुछ लोगों के पहचान पत्र बरामद हुए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने देर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन को रोक दिया गया।
हथियारी के पास सड़क दुर्घटना के शिकार हुए लोगों के शवों का मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद हरिपुर यमुना घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पूरे यमुना घाट पर मृतकों के परिजनों का रूदन सुनाई दे रहा था। घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भी घाट पर पहुंच मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने भी दुर्घटना स्थल पहुंच मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।