फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औली में भारत-अमेरिका सेना का युद्ध अभ्यास: जवानों ने सीखा आतंकवाद रोधी ऑपरेशन, ड्रोन-रोबोटिक डॉग भी शामिल

Thu, 17 Sep 2026 02:41 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली

सार

औली में भारत और अमेरिका की सेनाओं ने आतंकवाद रोधी अभियान से जुड़ी तकनीकों और रणनीतियों का संयुक्त अभ्यास किया। इस दौरान सैनिकों ने ड्रोन, रोबोटिक डॉग, स्नाइपर और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से बिल्डिंग और कमरों की तलाशी का अभ्यास किया।
विज्ञापन
औली में युद्ध अभ्यास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड के औली में चल रहे युद्ध अभ्यास 2026 में भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने आतंकवाद रोधी अभियानों से जुड़ा संयुक्त प्रशिक्षण लिया। अभ्यास के दौरान जवानों ने ऐसी परिस्थितियों में कार्रवाई करने का प्रशिक्षण लिया, जो वास्तविक अभियान के दौरान सामने आ सकती हैं।

इस दौरान बिल्डिंग क्लीयरेंस और रूम इंटरवेंशन ड्रिल कराई गई। इसमें जवानों ने एक इमारत में प्रवेश करने, कमरों की तलाशी लेने और संभावित खतरे से निपटने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। ड्रिल में असॉल्ट टीमों के साथ ड्रोन, रोबोटिक डॉग, प्रशिक्षित कुत्ते और स्नाइपर भी शामिल रहे। अलग-अलग विशेषज्ञ टीमों और तकनीक के इस्तेमाल के जरिए अभियान को किस तरह संचालित किया जा सकता है, इसका अभ्यास किया गया।

विज्ञापन
Trending Videos

अभ्यास के दौरान अमेरिकी सेना के जवानों ने भारतीय सैनिकों और इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों को भी करीब से देखा। उन्होंने अभियान में शामिल जवानों से बातचीत की और इस्तेमाल की जा रही तकनीक और तरीकों को समझा।

विशेष तकनीक और प्रशिक्षित टीमों के समन्वय पर ध्यान
संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर भी हासिल किया। खास तौर पर आतंकवाद रोधी अभियानों में अलग-अलग विशेषज्ञों और आधुनिक तकनीक के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।

विज्ञापन


ये भी पढे़ं...उत्तराखंड: हेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, केदारनाथ घाटी में भारी बारिश और घना कोहरा छाया

युद्ध अभ्यास भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच होने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसके जरिए दोनों देशों के सैनिकों को अलग-अलग परिस्थितियों में साथ प्रशिक्षण लेने और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने का मौका मिलता है। औली में हुए इस अभ्यास के दौरान विशेष तकनीक और प्रशिक्षित टीमों के समन्वय पर ध्यान दिया गया।

ड्रोन और रोबोटिक डॉग जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे क्षेत्रों में जानकारी जुटाने और कार्रवाई में सहायता लेने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। अभ्यास के जरिए दोनों सेनाओं के जवानों के बीच पेशेवर संवाद, सामरिक समझ और संयुक्त रूप से अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें