माता रश्मि डबराल और पिता ने हमेशा अफसर बनने के लिए प्रेरित किया। 2017 में नए सिरे से तैयारी कर सिविल सेवा परीक्षा दी। इसका नतीजा 134वीं रैंक के तौर पर सामने आया। विशाखा ने बताया कि लगन और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
वह आईपीएस बन गई लेकिन रैंक सुधार के लिए सिविल सेवा परीक्षा-2019 दी। हालांकि इसमें भी उन्होंने 134वीं रैंक हासिल की है। विशाखा का कहना है कि जो युवा इस परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं या फिर एक दो बार असफल हो चुके हैं, वह हिम्मत न हारें।
इसके बजाय अपनी गलतियों को पहचानें और दोबारा तैयारी में जुट जाएं। निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के लिए रोजाना समाचार पत्र पढ़ने और विषय को समझने की सलाह भी दी। विशाखा ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए जरूरी है कि आप डेडिकेशन के साथ तैयारी करें।