उसके बाद जयपुर से 97.3 प्रतिशत अंक हासिल कर 12वीं की परीक्षा पास की। दोनों परीक्षाओं के दौरान भी हिमाद्री ने अर्थशास्त्र का साथ नहीं छोड़ा। उसके बाद बिट्स पिलानी गोवा से केमिकल इंजीनियरिंग और एमएससी इकोनोमिक्स की ड्यूल डिग्री हासिल की।
हिमाद्री का सफर यहीं नहीं रुका। उन्हें सिविल सेवा के क्षेत्र में जाना था तो तैयारी में जुट गई। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली। दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की। इन दिनों वह नागपुर में बतौर असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं।
पिता राजीव कौशिक ने कहा कि वह जॉब के सिलसिले में हमेशा बाहर रहे। लिहाजा, हिमाद्री की मां ललिता कौशिक ने उसकी परवरिश की। इकलौती संतान को पढ़ाया और आज बेटी ने नाम रोशन किया है तो उन्हें अपनी मेहनत और बेटी पर नाज है।
होने वाले पति भी हैं आईएएस
हिमाद्री जल्द विवाह के बंधन में बंधने जा रही हैं। उनके होने वाले पति आयुष सिन्हा भी हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। आयुष ने गत वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में पूरे देश में सातवीं रैंक हासिल की थी।
इकोनोमिक्स में हमेशा 98 प्रतिशत अंक
हिमाद्री और अर्थशास्त्र का साथ करीब 12 साल पुराना है। खास बात यह भी है कि हिमाद्री ने हमेशा इस विषय में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। फिर चाहे वह 10वीं हो या 12वीं। अर्थशास्त्र में रुचि के चलते उन्होंने एमएससी इकोनोमिक्स को चुना।
दादा की खुशी का नहीं ठिकाना
हिमाद्री की दूसरी सफलता से उनके दादा डॉ. जेपी शर्मा बेहद खुश हैं। डॉ. शर्मा दून अस्पताल से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है उनकी पोती ने न केवल उनका बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें अपनी बच्ची पर गर्व है।