ग्रामीण निर्माण विभाग में आउटसोर्स पर लगे 100 कर्मियों पर लटकी तलवार फिलहाल हट सी गई है। मुख्य अभियंता आईबी पांडे ने 30 जून के बाद उन्हें कोई कार्य न सौंपने का आदेश जारी किया था। विरोध में उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने मुख्य अभियंता कार्यालय में उनका घेराव किया। उनके दबाव में मुख्य अभियंता को आदेश स्थगित करना पड़ा।
इससे पूर्व संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में मोर्चा के संयोजक सचिव रवि पचौरी, सचिव इंसार उल हक, नंदकिशोर त्रिपाठी, दीपक सिंह चौहान, अनिल बांगा, रेणू लांबा, हेमंत रावत, राकेश प्रसाद, चौधरी ओमबीर सिंह आदि करीब दोपहर साढ़े 12 बजे तपोवन स्थित मुख्य अभियंता के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य अभियंता के उस आदेश पर सख्त नाराजगी जाहिर की, जिसमें 100 उपनलकर्मियों को काम न दिए जाने का उल्लेख है।
मोर्चा नेताओं ने कहा कि एसीएस (कार्मिक) की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में उपनलकर्मियों के शासनादेश में संशोधन की बात हो चुकी है। इस संबंध में कार्मिक विभाग एक संशोधन जारी भी कर चुका है। इसके बावजूद उपनलकर्मियों को सेवाओं से हटाए जाने का आदेश अनुचित है। उन्होंने मुख्य अभियंता से तत्काल आदेश निरस्त करने की मांग की। इस दौरान मोर्चा दबाव बनाने में कामयाब रहा। मुख्य अभियंता ने उपनलकर्मियों के संबंध में जारी आदेश को स्थगित कर दिया। इसकी सूचना अधीक्षण अभियंताओं को भी भेज दी गई।
दो जुलाई को एसीएस से मिलेगा मोर्चा
कार्मिक विभाग के संशोधन के बावजूद पुराने आदेश के अनुसार उपनलकर्मियों को हटाने की कार्रवाई से नाराज संयुक्त मोर्चा दो जुलाई को अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी से मुलाकात करेगा। मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकार के आदेश की अनदेखी कर उसकी छवि खराब करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी को सेवा से हटाया गया तो मोर्चा चुप नहीं बैठेगा और जवाबी कार्रवाई करेगा।