नियमित करने की मांग के लिए आंदोलनरत हैं उपनल कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नियमित करने की मांग के लिए आंदोलनरत प्रदेश के उपनल कर्मचारियों ने कैबिनेट के उप समिति के गठन के फैसला का विरोध किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके मामले में पहले भी मंत्रिमंडल की उप समिति गठित की जा चुकी है।
परेड ग्राउंड में आमरण अनशन और धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उप समिति का गठन कर उनके मसले को लटका रही है। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल के मुताबिक पूर्व में भी मंत्रिमंडल की उप समिति गठित की गई थी। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। सीएस की अध्यक्षता में गठित यह समिति कर्मचारियों के आंकड़े तक नहीं जुटा पाई। ऐसे में कैबिनेट की अब गठित होने वाली उप समिति पर भरोसा नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट के फैसले पर अमल करते हुए जब तक कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता कर्मचारियों की हड़ताल और अनशन जारी रहेगा। महासंघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट ने कहा, सरकार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए गंभीर नहीं है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट से सरकार की एसएलपी खारिज होने के एक साल बाद भी कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश संयोजक हरीश कोठारी ने कहा, कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट के फैसले और मुख्यमंत्री धामी की घोषणा पर जल्द अमल किया जाए। आमरण अनशन में बैठने वालों में महेश चंद्र भट्ट व योगेश बडोनी एवं इनके समर्थन में धरना देने वालों में प्रदीप सिंह चौहान, रमेश डोभाल, मीनाक्षी, विमला द्विवेदी, बबली, राखी, मीना बिष्ट, रवि विश्वकर्मा, पंकज पांडे, आजाद रावत, विवेक बडोनी, रतेंद्र तिवारी, प्रमोद नेगी आदि शामिल रहे।