प्रदेश के 18 हजार से अधिक उपनल कर्मचारी सोमवार से अपनी एक सूत्री मांग को लेकर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार पर चले गए। दून में परेड ग्राउंड में एकत्र हुए कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। वही देर शाम परेड ग्राउंड से कनक चौक, गांधी पार्क, घंटाघर होते हुए लैंसडाउन चौक तक कैंडल मार्च किया। कर्मचारियों ने आज सचिवालय कूच का एलान किया है।
परेड ग्राउंड में एकत्र हुए कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने किसी भी उपनल कर्मचारी को न हटाने का आश्वासन दिया था, इसके बावजूद विभिन्न विभागों में कार्यरत 700 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
29 जून को कूच करेंगे सीएम आवास
उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष भावेश जगूड़ी ने कहा कि विभागीय संविदा के नाम पर कर्मचारियों को गुमराह किया गया है। कई बार के आश्वासन के बावजूद इस पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दस साल से अधिक की सेवा के बाद अब कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
कर्मचारियों ने कहा कि 28 जून को परेड ग्राउंड से कनक चौक होते हुए सचिवालय और 29 जून को मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। इसके बाद भी एक सूत्री मांग पर अमल न हुआ तो प्रदेश भर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
कार्य बहिष्कार कर धरना देने वालों में धीरज कांडपाल, विजय राम खंकरियाल, नीलम, अनीता, पिंकी, हर्षवर्धन लोहनी, कुसाग्र जोशी, दीपक चौहान, रामपाल, बहादुर सिंह आदि शामिल रहे।