उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में उपनल, पीआरडी या स्वयं सहायता समूह के माध्यम से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को इस बार जांच के बाद ही सेवा विस्तार मिलेगा। इसके लिए यूपीसीएल के महाप्रबंधक केबी चौबे ने सभी कार्यालयों से ब्योरा तलब किया है।
यूपीसीएल में बीते दिनों संविदाकर्मियों के वेतन में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया था। इसके तहत कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उनका पीएफ जमा नहीं हो रहा है। इसके बाद यूपीसीएल ने तय किया है कि सभी संविदाकर्मियों को जांच के बाद ही सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके तहत उपनल, पीआरडी और स्वयं सहायता समूहों के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारी शामिल होंगे।
वह कर्मचारी कहां काम कर रहे हैं, क्या काम कर रहे हैं, उनकी उपस्थिति और योग्यता क्या है, इसको लेकर मुख्य अभियंताओं और बिजली घरों के जूनियर इंजीनियरों से तत्काल रिपोर्ट मांगी गई है। पहले यह रिपोर्ट 15 नवंबर तक भेजी जानी थी, लेकिन तमाम दफ्तरों से रिपोर्ट नहीं आई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही संविदाकर्मियों को वर्ष 2021 में सेवा विस्तार मिलेगा।
यूपीसीएल के महाप्रबंधक केबी चौबे की ओर से जारी पत्र के मुताबिक सभी बिजली संविदाकर्मियों का पूरा रिकॉर्ड जांचा जा रहा है। यह ब्योरा निदेशक ऑपरेशन के माध्यम से ही निदेशक मानव संसाधन को उपलब्ध कराना होगा।
कई स्तर पर होगी पड़ताल
संविदाकर्मियों की कई स्तर की पड़ताल की जाएगी। निचले स्तर से आई हुई रिपोर्ट की जांच चीफ इंजीनियर स्तर पर की जाएगी। इसके साथ ही वित्त विभाग, डीजीएम और जीएम के अलावा विधि विभाग के स्तर भी भी जांच पड़ताल की जाएगी।
स्वयं सहायता समूह में सबसे ज्यादा गड़बड़ी की आशंका
यूपीसीएल के दफ्तरों और बिजलीघरों में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से भी संविदा कर्मचारी भर्ती हैं। कागजों में इनका वेतन कुछ है और भुगतान कुछ किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच पड़ताल होगी तो यह गड़बड़ी खुलकर सामने आएगी। सूत्रों के मुताबिक, तमाम दफ्तर ऐसे हैं, जहां अयोग्य संविदाकर्मी काम कर रहे हैं।
उपनल में योग्य लोग हैं। जो जिस पद पर रखा गया है, उसे योग्यता के आधार पर ही रखा गया है।
-विनोद कवि, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन