लगभग 55 लाख रुपये की हेराफेरी के आरोपी यूपीसीएल (रुड़की) के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार को विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। उन्हें ऊर्जा भवन, देहरादून में निदेशक (मानव संसाधन) कार्यालय से संबद्ध किया गया है। प्रबंधन ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
यूपीसीएल में 55 लाख रुपये के गोलमाल का यह मामला वर्ष 2015 का है। अधिशासी अभियंता (ईई) राकेश कुमार तब विद्युत वितरण खंड (ग्रामीण) सिडकुल हरिद्वार में तैनात थे।
आरोप था कि ईई राकेश कुमार ने इंडियन टैबेको कंपनी (आईटीसी) लिमिटेड द्वारा बिजली कनेक्शन के लिए दिए 55 लाख 47 हजार 191 रुपये के ड्राफ्ट की रसीद में गड़बड़ी करते हुए नगद सात हजार 191 रुपये दर्शाया गया। बाकी की रकम को दो अन्य उपभोक्ताओं के विद्युत बिलों में समायोजन करते हुए यूपीसीएल को वित्तीय हानि पहुंचाई गई।