देहरादून। उत्तर प्रदेश के अपर श्रमायुक्त जुनैद अहमद के नेतृत्व में आई टीम ने उत्तराखंड पहुंचकर मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन व्यवस्था का अध्ययन किया है।
यूपी के अधिकारियों के साथ बैठक में श्रमायुक्त एवं उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव प्रकाश चंद्र दुम्का ने योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में अब तक लगभग 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की जा चुकी है।
उत्तर प्रदेश की टीम ने योजना की तकनीकी संरचना, श्रमिकों के पंजीकरण एवं सत्यापन, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने, गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए रेफरल व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में उप श्रमायुक्त विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।
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44 प्रकार की निशुल्क स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई जा रही हैं
देहरादून। इसी वर्ष 23 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में श्रमिक कल्याण योजनाओं का शुभारंभ करते हुए श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए दो मोबाइल मेडिकल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस पहल के माध्यम से निर्माण श्रमिकों को उनके कार्यस्थल व आवास स्थल पर ही एक्सरे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की निशुल्क स्वास्थ्य जांच तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि स्वास्थ्य जांच में जिन श्रमिकों में किसी बीमारी की पहचान होती है, उनके समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।