नोएडा में प्रस्तावित पातंजलि का फूड पार्क
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केंद्र सरकार का नियम है कि स्वीकृति मिलने के बाद एक नियत समय में ही निर्माण शुरु हो जाना चाहिए। केंद्र से बार-बार आग्रह पत्र भी पतंजलि को मिल रहे थे। लेकिन यूपी की योगी सरकार की उपेक्षा के चलते फूड पार्क के कागजात फाइलों से निकल ही नहीं रहे थे। इससे नाराज रामदेव और बालकृष्ण ने गत दिवस अपना पूरा प्रोजेक्ट यूपी से बंद कर किसी अन्य राज्य में ले जाने की घोषणा की। इस पर यूपी में हड़कंप मच गया क्योंकि यह फूड पार्क दस हजार होगों को रोजगार देने वाला था।
बाबा रामदेव का रुख देखकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने जन्मदिन के अवसर पर आचार्य बालकृष्ण से लंबी वार्ता की। योगी नेे आश्वासन दिया है कि दो दिन में सभी फाइलों पर अनुमति दे दी जाएगी और तमाम कागजात पतंजलि के पास भेज दिए जाएंगे। इधर, आचार्य बालकृष्ण ने बुधवार की शाम बताया कि उपेक्षा के चलते फूड पार्क हटाने की घोषणा की थी। अब योगी आदित्यनाथ तमाम फाइलों पर लगातार काम करा रहे हैं। यदि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए समय में यूपी सरकार सारे कागजात पूरे करवा देती है तो घोषणा पर फिर से विचार किया जाएगा। आचार्य के इस संकेत से आसार बन रहे हैं कि पतंजलि फूड पार्क यूपी में ही बनेगा।