योगी आदित्यनाथ के भाइयों का कहना है कि तेरहवीं में यूपी के विधायक का हमारे घर आकर सांत्वना देना तो ठीक है, लेकिन ये अधिकार किसने दे दिया कि वे पितृ संस्कार कार्य करें।
मानवेंद्र और महेंद्र बिष्ट का कहना है कि विधायक अमनमणि त्रिपाठी दो मई की शाम दस मिनट के लिए हमारे आवास पर आए थे, लेकिन उस दौरान उन्होंने इस तरह की कोई बात नहीं की।
हमें यह बात अगले दिन समाचार पत्रों और सोशल मीडिया से पता चली।
उत्तर प्रदेश के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वर्गीय पिता के पितृ कार्यों के लिए बदरीनाथ धाम के लिए वाहन पास जारी करने से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर लॉकडाउन के दौरान स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद विधायक की तीन-तीन गाड़ियों और कई लोगों को जाने की अनुमति देने से अफरशाही के कामकाज की पोल खुल गई है।
विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बदरीनाथ जाने के लिए पास जारी करने के मामले में कांग्रेस ने सीएम से तत्काल जवाब व कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि अमनमणि त्रिपाठी और उनके साथ के लोगों को जाने देने के लिए पास एसीएस ओमप्रकाश के पत्र के हवाले पर जारी किया गया। इस समय बदरीनाथ धाम की यात्रा बंद है। ऐसे में एसीएस ने किस आधार पर यह पत्र जारी किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के पिता के पितृ कार्य के लिए यूपी के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बदरीनाथ धाम आने देने की अनुमति से धाम के तीर्थ पुरोहित भी खासे नाराज हैं।ब्रहमकपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती ने कहा कि इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री से की जाएगी।
चार दिन का पास जारी किया गया था
यूपी के महाराजगंज जिले की नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी की तीन गाड़ियों और आठ लोगों को जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून से श्रीनगर, बदरीनाथ, केदारनाथ के लिए चार दिन का पास जारी किया गया था।
पास जारी करने की वजह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के स्व.पिता के पितृ कार्य के लिए बदरीनाथ धाम जाने और वहां से केदारनाथ धाम जाने को बताया गया था। इसी पास के आधार पर विधायक अमनमणि का काफिला रविवार को कर्णप्रयाग तक पहुंच गया।
कर्णप्रयाग पुलिस ने उन्हें रोक लिया और उनकी यात्रा और पास को लॉकडाउन की गाइडलाइन के विपरीत बताते हुए बैरंग लौटा दिया।
वापसी में विधायक की ऋषिकेश के पास मुनिकीरेती में पुलिस के साथ कहासुनी हुई। विधायक ने दबंगई दिखाई और अभद्रता की, तो पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा।