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यूपी के CM योगी के इस कदम से 'चारों खाने चित' हुए उत्तराखंड के CM

Thu, 23 Mar 2017 12:24 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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trivendra, yogi - फोटो : file photo
यूपी में एक पीड़ित ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया तो न केवल मामला दर्ज हुआ बल्कि कई पुलिसकर्मी भी नप गए, ठीक इसी तरह देहरादून की नेहरू कॉलोनी के चंदू फर्सवाण ने पुलिस की लापरवाही को लेकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को ट्वीट किया लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। लंबा चौड़ा सीएम सचिवालय होने के बावजूद सीएम के ट्वीट का संज्ञान तब तक नहीं लिया गया, जब तक कि अमर उजाला ने अधिकारियों से सवाल-जवाब नहीं किया।
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twitter
अमर उजाला ने चंदू के ट्वीट और सीएम के रिट्वीट की पड़ताल की तो सरकारी तंत्र की यह पोल खुलकर सामने आई। अमर उजाला के संबंधित अधिकारियों को फोन खड़खड़ाने के बाद तंत्र को पता चला कि सीएम ने ऐसा कोई ट्वीट किया है। सीएम के ट्वीट पर कौन अधिकारी संबंधित महकमे को अवगत करवाएगा, यह तक किसी को स्पष्ट नहीं था। उनके सचिवालय को भी इसकी जानकारी नहीं है।
 
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twitter
सरकारी तंत्र का यह हाल तब है जब त्रिवेंद्र सरकार को शपथ लिए चार दिन हुए हैं। जब सीएम के ट्वीट को देखने सुनने वाला कोई नहीं, तो आम आदमी की अधिकारियों के सामने फरियाद का क्या होता होगा, इससे पता चलता है। खैर, अमर उजाला के सवाल-जवाब के बाद जब आला अधिकारियों के फोन तो घटघनाए तो दो घंटे पचास मिनट के बाद देर शाम मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया, मगर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।  
 

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chaya
नेहरू कालोनी निवासी चंदू फर्सवाण की बहन छाया 16 मार्च की दोपहर करीब दो बजे जब स्टेशनरी की दुकान से सामान खरीदकर लौट रही थी तो अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। कार की टक्कर में छाया(17 वर्ष) बुरी तरह जख्मी हो गई। अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां छाया के ऑपरेशन के बाद पैर में रॉड डाली गई है। छाया के भाई चंदू ने बताया कि उन्होंने नेहरू कालोनी थाने में मामले की शिकायत की। इसके अलावा पुलिस के मोबाइल ऐप पर भी शिकायत भेजी।
 
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chandu
कई दिन बीतने पर भी जब कोई कार्रवाई न हुई तो उन्होंने मामले में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि ‘उनकी बहन को किसी अज्ञात कार द्वारा 16 मार्च को टक्कर मारी गई लेकिन मामले में अभी तक पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। आपसे निवेदन है कि मामले में पुलिस को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित करें’।
 
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ट्विटर
कब क्या हुआ
शाम 5:30 बजे : अमर उजाला को चंदू के ट्वीट और उस पर सीएम त्रिवेंद्र के रिट्वीट की जानकारी मिली।
शाम 5:35 बजे : नेहरू कालोनी थानाध्यक्ष विनोद गुसाईं को फोन किया गया तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई।
शाम 6 बजे : ट्वीट में दिए गए चंदू के फोन नंबर पर कॉल किया गया। चंदू ने बताया कि अभी तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शाम 6:06 बजे : प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आनंद वर्धन को फोन किया गया। उन्होंने सीएम के ट्वीट और उनके ट्वीटर अकाउंट से अनभिज्ञता जताई।
शाम 6:10 बजे : चंदू को दोबारा फोन किया गया। उन्होंने बताया कि उस वक्त तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शाम 7:30 बजे : प्रमुख सचिव आनंद वर्धन का फोन आया। उन्होंने कहा कि मामले का संज्ञान लिया जा रहा है।
शाम 7:35 बजे : नेहरू कालोनी थानाध्यक्ष का फोन आया। उन्होंने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
शाम 8:12 बजे : एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने अमर उजाला संवाददाता को फोन पर बताया कि ट्वीट का संज्ञान लेते हुए पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
शाम 8:20 बजे : नेहरू कालोनी थानाध्यक्ष विनोद गुसाईं ने बताया कि तहरीर आ चुकी है, मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। देर शाम मुकदमा दर्ज हो गया।
(पूरे मामले में अगर अमर उजाला पड़ताल न करता तो चंदू के ट्वीट और सीएम के रिट्वीट पर कोई कार्रवाई न होती। चंदू ने अमर उजाला का आभार जताया।)
 
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योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कानपुर के कल्याणपुर में कारोबारी के घर में घुसकर पत्नी और उनकी दो बेटियों से छेड़छाड़ के मामले पर पुलिस पर्दा डालने में लग गई। पीड़ित बेटी ने योगी आदित्यनाथ को जैसे ही ट्वीट कर पुलिस की शिकायत की तो तुरंत पुलिस एक्शन में आ गई। मामले में कई सिपाही निलंबित भी हो गए। न केवल मुकदमा दर्ज हुआ बल्कि खुद पुलिस कप्तान ने पीड़ितों के घर जाकर उनका हालचाल भी लिया।
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