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उत्तराखंड: बेनाम 'लेटर बम' से पुलिस महकमे में हड़कंप, अधिकारियों पर लगे बेहद संगीन आरोप

Mon, 20 Jan 2020 01:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर

सार

  • जिले में ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पैसा वसूलने का आरोप
  • एसएसपी बोले, जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में इंस्पेक्टर, दरोगा, कांस्टेबलों के ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर वसूली के आरोप के एक लेटर बम से महकमे में हड़कंप मचा है। लेटर में शिकायकर्ता ने अपना नाम नहीं लिखा है, लेकिन आरोप बेहद संगीन है।

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मामला पुलिस मुख्यालय पहुंचने के बाद जांच के आदेश हो गए हैं। एसएसपी ने ट्रांसफर, पोस्टिंग को गोपनीय करार देते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। 
दरअसल, किसी व्यक्ति ने एक शिकायती पत्र समाचार पत्रों के दफ्तरों को देने के साथ ही पुलिस मुख्यालय को भी स्पीड पोस्ट से भेजा है।

पत्र में कहा कि एसएसपी ऊधमसिंह नगर कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों ने कुछ इंस्पेक्टर, दरोगा और कर्मचारियों का एक ग्रुप बनाया है। इनसे वे एकमुश्त राशि वसूलते हैं, जो इनको पैसा नहीं देता है, उसकी नेगेटिव फीड बैक एसएसपी को देते हैं। 

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ट्रांसफर कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली

इससे बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारी कुंठित हो रहे हैं। पत्र में दोनों कर्मचारियों ने अर्जित संपत्ति की जांच करने और आरोपों के संबंध में दोनों की कॉल डिटेल निकाल कर जांच कराने को कहा है। यह भी आरोप है कि ट्रांसफर कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।

इनके ग्रुप के लोग दस साल से एक ही सर्किल में नियुक्त हैं। यही नहीं जिनके घर रामनगर, काशीपुर में हैं, वे काशीपुर सर्किल और जिनके घर हल्द्वानी में हैं वे रुद्रपुर सर्किल में पोस्टिंग करा लेते हैं। पुलिस की गोपनीय बातें नेताओं तक पहुंच रही हैं।
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गोपनीय पत्र में एसएसपी को ईमानदार बताया गया है, लेकिन यह भी कहा कि गलत फीडबैक का फायदा ये दोनों कर्मचारी उठा रहे हैं। इनमें से एक कर्मी का दूसरे जिले में तबादला होने के बावजूद रसूख के दम पर जिला नहीं छोड़ने का आरोप लगा है। 

ट्रांसफर और पोस्टिंग में घपलेबाजी को लेकर  कोई तथ्य सामने नहीं आया है। जिनके बारे में कहा जा रहा है, उनके लिए यह करना संभव नहीं है। ट्रांसफर और पोस्टिंग गोपनीय प्रक्रिया होती है। बिना नाम के शिकायती पत्र तथ्य नहीं होने से जांच संभव नहीं होती है। शिकायती पत्र की सूचना मुख्यालय को भी है और इस मामले में वहां से जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। आगे से इस संबंध में ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। हो सकता है किसी को मनपंसद पोस्टिंग न मिली हो या पुलिस को बदनाम करने के मकसद से भी बिना नाम का पत्र भेजा गया हो।
 - बरिंदरजीत सिंह, एसएसपी
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