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भारत-नेपाल सीमा में फंसे अमेरिकन भाई-बहन, नहीं मिली सीमा पार माता-पिता के पास जाने की अनुमति

Tue, 13 Oct 2020 01:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)

सार

  • मसूरी के इंटरनेशनल स्कूल के हैं छात्र, लॉकडाउन में मार्च से मसूरी में फंसे थे 
  • माता-पिता के पास काठमांडो जा रहे थे, नहीं मिली सीमा पार जाने की अनुमति  
  • प्रशासन ने लोनिवि विश्राम गृह में ठहराया, भारत सरकार से नेपाल भेजने की मांगी अनुमति 
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मसूरी के इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले अमेरिका के भाई-बहन पहले लॉकडाउन में मसूरी में फंसे रहे और अब माता-पिता के पास काठमांडो जाने के लिए निकले तो भारत-नेपाल सीमा सील होने से बनबसा में फंस गए हैं। फिलहाल दोनों को प्रशासन की ओर से टनकपुर के लोनिवि विश्राम गृह में ठहराया गया है। भारत सरकार से अनुमति मिलने पर प्रशासन उन्हें सीमा पार नेपाल भेजेगा। 

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अमेरिकन नागरिक कोलार्डो रिवर रोज और अल्ट्रा वाइलेट भाई-बहन हैं, जो मसूरी के इंटरनेशनल स्कूल बुड स्टाक में पढ़ते हैं। दोनों मार्च से लॉकडाउन में वहीं फंसे थे। अनलॉक लागू हुआ तो दोनों मसूरी से अपने माता-पिता के पास काठमांडो जाने के लिए बनबसा सीमा पर पहुंचे, लेकिन यहां सीमा सील होने से उन्हें इमिग्रेशन चेकपोस्ट से आगे नहीं जाने दिया गया।

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दोनों भाई-बहनों को लोनिवि विश्राम गृह में ठहराया

मामला एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने दोनों भाई-बहनों को अपने संरक्षण में लोनिवि विश्राम गृह में ठहराया है। एसडीएम ने बताया कि दोनों भाई-बहन वैधानिक तरीके से नेपाल जा रहे थे, लेकिन सीमा सील होने से दोनों देशों के बीच थर्ड कंट्री के नागरिकों की आवाजाही पर पूर्णरूप से प्रतिबंध है।

भारतीय विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजकर उन्हें नेपाल भेजे जाने की अनुमति मांगी गई है। वहीं अमेरिका दूतावास को भी इस बारे में अवगत कराया गया है। एसडीएम का कहना है कि एक-दो दिन में विदेश मंत्रालय से अनुमति मिली तो ठीक है, नहीं दोनों को वापस मसूरी भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
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