मानसून की धुंध के बीच इठलाती जौनसार बावर की पहाड़ियों में ठहरने के लिए पर्यटकों को अभी एक माह और इंतजार करना होगा। चकराता टूरिस्ट डेवलपमेंट एसोसिएशन से जुड़े होटल मालिकों और संचालकों ने क्षेत्र के होटलों को 31 जुलाई तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
मंगलवार को चकराता में हुई होटल एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष दिगंबर चौहान बिट्टू ने कहा कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइड का अनुपालन करते हुए अभी क्षेत्र के होटलों, रेस्टोरेंट और रिजॉर्ट को पर्यटकों के लिए नहीं खोला जा सकता।
सरकार की गाइडलाइन में जिन बातों का उल्लेख किया गया है, उसका अनुपालन करना छोटे होटल व्यवसायियों के लिए मुमकिन नहीं है। साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों से न सिर्फ उनके स्टाफ और स्थानीय लोगों को भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।
इसके चलते एसोसिएशन ने 31 जुलाई तक क्षेत्र के होटलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इससे पूर्व हुई बैठक में 30 जून तक सभी होटलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया था। अध्यक्ष दिगंबर चौहान ने महामारी को देखते हुए होटल व्यवसायियों को राहत देते हुए आर्थिक पैकेज देने की भी मांग की। बैठक में सचिव अनुपम तोमर, विकास अग्रवाल, राहुल चांदना, अमित जोशी, युद्धवीर तोमर, कुंवर सिंह, कमल रावत, अनिल मौजूद रहे।