ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 33000 से अधिक आवेदक कतार में हैं। जबकि आरटीओ में इस समय मात्र एक दिन में 20 मामले निपटाए जा रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो लॉकडाउन से पहले एक दिन में 350 डीएल जारी किए जाते थे।
इसमें 250 लर्निंग और 100 अस्थाई लाइसेंस थे। लेकिन लॉकडाउन में कामकाज ठप होने से डीएल आवेदकों की संख्या 33250 तक पहुंच गई है। इनमें पांच हजार ऐसे आवेदक हैं जो 22 मार्च से पूर्व डीएल के लिए आवेदन कर चुके हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर जल्द ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए तो पेंडिंग अधिक होने पर निपटाना मुश्किल हो जाएगा। एआरटीओ (प्रशासन) द्वारिका प्रसाद का कहना है कि आवेदकों को जल्द ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा सके, इसके लिए विभागीय स्तर पर एसओपी तैयार की जा रही है।