केदारनाथ में निर्माण कार्य
केदारनाथ में पुनर्निर्माण जोर पकड़ने लगे हैं। आदिगुरू शंकराचार्य के समाधि स्थल के पुनर्निर्माण के साथ ही तीर्थ पुरोहितों के भवन, सरस्वती नदी पर घाट व आस्था पथ का कार्य चल रहा है। वहीं रामबाड़ा से गरूड़चट्टी तक पुराने पैदल मार्ग को पुनर्जीवित करने के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद लगभग साढ़े तीन किमी पैदल मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
बीते दो वर्ष से मंदिर के पीछे आदिगुरू शंकराचार्य के समाधि स्थल का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा समाधि का राफ्ट तैयार किया जा चुका है। इसी राफ्ट पर समाधि स्थल बनाया जाना है। सरस्वती नदी किनारे घाट निर्माण और मंदिर तक आस्था पथ भी बनाया जा रहा है।
आने वाले समय में इस मार्ग से दिव्यांग श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। दूसरी तरफ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग द्वारा गरूड़चट्टी को केदारनाथ मंदिर से लिंक करने के लिए मंदाकिनी नदी पर 60 मीटर स्पान के पुल के एंबेडमेंट का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है।
सबकुछ ठीक रहा तो दो माह में पुल को जोड़ दिया जाएगा। इन दिनों कार्यदायी संस्थाओं के एक सौ से अधिक मजदूर धाम में मौजूद हैं। टीम प्रभारी वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी, केदारनाथ मनोज सेमवाल का कहना है कि केदारनाथ में सरस्वती नदी पर घाट व आस्था पथ का कार्य दो माह में पूरा हो जाएगा। आदिगुरू शंकराचार्य के समाधि स्थल और तीर्थ पुरोहितों के आवासीय भवनों के निर्माण में डेढ़ वर्ष का समय लग सकता है।