विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने केंद्र सरकार के अभियान को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों के लिए कार्यप्रणाली में एक नया बदलाव किया है।
हम यहां बात कर रहे हैं केंद्र सरकार के कैशलेस अभियान की। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सरकार के कैशलेस अभियान के तहत सभी संस्थानों को कैशलेस पेमेंट का निर्देश जारी किया है। इसके तहत अगर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से जुड़ा कोई भी पेमेंट करना होगा तो वह चेक, एनईएफटी या आरटीजीएस के माध्यम से ही किया जा सकता है।
यूजीसी के सचिव डॉ. जसपाल एस संधू की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि केंद्र सरकार ने कैशलेस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जो आदेश जारी किए हैं उसके तहत अब सभी विवि और यूजीसी से जुड़े ऑटोनोमस कॉलेजों का पूरा पेमेंट केवल कैशलेस होगा।
एमएचआरडी में भी अगर कोई फीस भरनी होगी तो वह भी कैशलेस ही भरी जा सकती है। यूजीसी या एमएचआरडी में किसी भी तरह का कैश स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विवि को भी अपने परिसर में सभी तरह की पेमेंट कैशलेस करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि विवि तेजी से यूजीसी और केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत कैशलेस मोड की ओर कदम बढ़ा रहा है।