यूनाइटेड नेशन प्रदेश में आपदा से लड़ने और जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में मदद करेगा। इसके लिए राज्य और यूनाइटेड नेशन्स डेवलेपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के बीच सहमति बन गई है। इसके तहत यूएनडीपी राज्य में अपना स्टेट ऑफिस खोलेगा।
हर साल बरसात आने के साथ ही आपदा को लेकर चिंता और डर दोनों बढ़ जाता है। इस दौरान बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ आदि से जानमाल का काफी नुकसान होता है। प्रदेश में लगातार होते नुकसान को देखते हुए यूएनडीपी ने मदद का हाथ बढ़ाया है। इसको लेकर राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच दो चरणों की मीटिंग हो चुकी है।
दोनों मिलकर काम करेंगे इसको लेकर कार्ययोजना बन गई है। यूएनडीपी राज्य में आपदा के खतरे को कम करने, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने, गरीबी कम करने आदि के क्षेत्र में राज्य सरकार की मदद करेगा। यह काम बेहतर ढंग से हो सके, इसके लिए यूएनडीपी राज्य में अपना स्टेट ऑफिस खोलेगा। यहां अलग-अलग विषयों के 15 से 20 विशेषज्ञ मौजूद होंगे।
संसाधनों से युक्त ऑफिस की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी होगी। यही नहीं जिला स्तरीय ऑफिस भी यूएनडीपी खोलेगा, जो कि जिलाधिकारी के सहयोग से संचालित होंगे। जो भी कार्य होंगे, उसकी मानीटरिंग की पुख्ता व्यवस्था होगी।
हर महीने राज्य और जिला स्तर पर कार्र्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। योजना के लिए करीब नौ करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस काम में वन विभाग का स्टेट कलाइमेंट चेंज विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका में होगी। इससे जुड़े अफसरों के अनुसार यूएनडीपी का मुख्य कार्य तकनीकी सलाह, संसाधन की व्यवस्था कराना होगा।
कैसे होगा काम
यूएनडीपी राज्य में जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने के साथ उसका कैसे और कहां पर प्रभाव पड़ रहा है, वह वैज्ञानिक जानकारी राज्य को उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा संस्थाओं व लाभार्थियों की क्षमता का विकास और समन्वय स्थापित करना, आपदा के खतरे को कम करने के लिए योजना बनाने आदि में मदद करेगा। यह राज्य और जिले स्तर पर दोहरी व्यवस्था होगी।
यूएनडीपी के साथ सहमति बन गई है। अब राज्य और यूएनडीपी दोनों मिलकर कार्य करेंगे। संस्था का कार्यालय भी राज्य में खुलेगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
- अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव, वन विभाग