Dr. farukh
- फोटो : amar ujala
अकादमी के मीडिया कॉर्डिनेटर मुफ्ती वसीउल्लाह ने बताया कि इस बार ऐसे दो कुरान पाक तैयार कराए गए हैं, जिनकी पहली लाइन अल्लाह के नाम और अरबी वर्णमाला के या अक्षर से शुरू होती है।
बताया कि तस्मिया के सदर शिक्षाविद् डा. एस फारूख को तरह-तरह के कुरान संरक्षित करने का शौक है। वह अब तक विभिन्न देशों के विभिन्न भाषाओं के कई सौ कुरानों का जखीरा जमा कर चुके हैं। हर समाज के लोगों को कुरान का महत्व और उसकी शिक्षा से रूबरू कराने के लिए हर साल प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है।
बताया कि डा. फारूख को सपने में अल्लाह के नाम से हर लाइन शुरू होने वाले कुरान का ख्याल आया। जिसका उन्होंने अकादमी के सदस्यों से जिक्र किया और बाद में लंबे समय के बाद इस बार प्रदर्शनी में इस कुरान को रखा गया। बताया कि कुरान में वैसे तो कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, लेकिन इस तरह एडजस्ट किया गया है कि अल्लाह का नाम हर लाइन के शुरू में आए। इन नायाब कुरान पाक को देखने के लिए बड़ी संख्या में हर वर्ग के लोग प्रदर्शनी में पहुंच रहे हैं।
प्रदर्शनी में वावी और अलफी कुरान रखा गया है। वावी कुरान में हर लाइन वाव और अलफी में अलिफ अक्षर से शुरू होती है। मुफ्ती वसीउल्लाह ने बताया कि कुरान में कोई तब्दीली नहीं की जा सकती है। पर इस कुरान को इस तरह से एडजस्ट किया गया है कि पहला अक्षर वाव या अलिफ ही आए। इसके लिए हर पन्ने में जगह घटाई या बढाई गई है।
गढ़वाली और कुमाऊंनी में भी कुरान
पवित्र कुरान को हर समाज के लोगों तक पहुंचाने को देश और दुनिया की हर भाषा में कुरान का अनुवाद किया गया है। प्रदर्शनी में उत्तराखंड की गढ़वाली और कुमाऊंनी समेत कन्नड़, मलयालम, गुरुमुखी, पंजाबी उड़िया जैसी भारतीय भाषाओं के अलावा जापानी, टर्किश, चाइनीज, फिलिप, वियतनामी, आइसलैंडिक, पर्शियन, अंग्रेजी, मलेशियन, फ्रेंच, आदि भाषाओं में कुरान पाक का अनुवाद मौजूद है।
हर पेज की शुरूआत वर्णमाला के नए अक्षर से
इस बार प्रदर्शनी में एक ऐसा कुरान भी मौजूद है जिसका हर पेज अरबी वर्णमाला के अलग अक्षर से क्रमवार शुरू होता है। मुफ्ती वसीउल्लाह बताते हैं कि अरबी वर्णमाला में 29 अक्षर है, हर पेज क्रमवार अलग अक्षर से शुरू होता है। इस बार ही इस कुरान को तैयार किया गया है।