पुलिस के अनुसार बिजनौर जिले के एक गांव के निवासी डॉक्टर की 13 दिसंबर को एक युवती से मंगनी हुई थी। युवती भी बिजनौर जिले की हैं। सोमवार को युवती मंगेतर के साथ बाइक पर बैठकर ड्यूटी करने अस्पताल पहुंची थी। वहां पहुंचते ही वह अपने प्रेमी के साथ कार में जाने लगी।
कार में प्रेमी का दोस्त भी था। युवती को कार में जाते देखकर मंगेतर ने पीछा किया वह कार में लटक गया मगर थोड़ी दूर जाने पर सड़क पर गिर गया। मंगेतर ने कंट्रोल रूम में सूचना दी कि उसकी पत्नी का कार सवारों ने अपहरण कर लिया है।
पुलिस फोर्स ने पंचायत घर के पास कार रोक ली। पुलिस को देखकर प्रेमी भाग गया। पुलिस युवती को लेकर टीपीनगर पुलिस चौकी पहुंची। युवती ने बताया कि वह मंगेतर के साथ शादी नहीं करना चाहती है। परिवार के लोग जबरदस्ती शादी करना चाहते हैं।
पुलिस कार में बैठी युवती और प्रेमी के दोस्त को लेकर थाने जा रही थी। आरोप है कि विहिप नेता ने समर्थकों के साथ पुलिस की गाड़ी रोक ली और युवती को परिजनों के हवाले करने के लिए दबाव बनाने लगे। इसे लेकर पुलिस की विहिप नेताओं से जमकर बहस हुई।
एसएसआई विजय सिंह मेहता ने विहिप नेता से सवाल किया कि उनका इस घटना से क्या मतलब है। युवती को वह सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेंगे। कुछ देर बाद विहिप नेता ने समर्थकों को कोतवाली में बुला लिया। विहिप समर्थक एसएसआई पर बहस पड़े। बताया कि वे मंगेतर के समर्थक हैं। परिजनों ने युवती को मंगेतर के साथ विश्वास पर भेजा था। आरोप लगाया कि पुलिस ने युवती के प्रेमी को भगाया है।
थाने में विहिप नेता ने एसएसआई को देख लेने की धमकी दी। दोनों पक्षों के बीच बहस होने की जानकारी मिलते ही कोतवाल विक्रम सिंह राठौर थाने में पहुंचे। कोतवाल ने विहिप नेता को समझा बुझाकर शांत किया। देर शाम युवती का प्रेमी भी थाने पहुंच गया।