एक छात्र ने केंद्रीय मंत्री से पूछा कि केंद्र सरकार ग्रामीणों के लिए बड़े स्तर पर पॉलिसी लागू कर रही है लेकिन उसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे होगा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजनाओं का ग्रामीण स्तर पर असर दिखाई देने लगा है। गांवों को तकनीकी से जोड़ा जा रहा है और लोग आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने और उन्हें लायक बनाने में मदद करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इसी से समाज तरक्की कर सकेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने एमएचआरडी मिनिस्टर रहते हुए 2014 में किए शिक्षा के स्तर में सुधार की कवायद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत वाणी कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों के लिए निशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया। साथ ही सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी पाठ्यक्रम आदि को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा में आमूल चूल परिवर्तन के लिए चार साल पहले विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की मदद से डोजियर तैयार करने का काम शुरू किया गया था। जो अब लगभग तैयार हो चुका है, इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। इस मौके पर संस्थान निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी ने महोत्सव में स्वयं सुरक्षा के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। समारोह में डीन स्टूडेंट प्रो. आनंद जोशी, थोम्सो कन्वीनर सुयश सिंह, डा. जीडी रनसिंह चुंग आदि मौजूद रहे।