केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती और स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने परमार्थ निकेतन पहुंचकर आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि से भेंट की। इस मौके पर आश्रमाध्यक्ष चिदानंद मुनि ने कहा कि देश की तरक्की के साथ ही जनमानस को स्वच्छता को लेकर भी जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक काम नहीं बल्कि सभ्यता व संस्कार है । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में व्याप्त 40 प्रतिशत बीमारियां स्वच्छता के अभाव के कारण होती हैं।
इस दौरान उन्होंने ठोस और तरल अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन, स्वच्छता के स्तरों में वृद्धि, भारत को खुले में शौच से मुक्त करने, गंगा समेत विभिन्न नदियों में गिरते नालों का प्रबंधन, ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आदि पर जोर दिया। इस दौरान उमा भारती ने जीवा और गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन द्वारा स्वच्छता पर बनाई गई शार्ट फिल्मों का अवलोकन किया और आश्रम द्वारा स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे विश्वव्यापी प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने जीवा और गंगा एक्शन की टीम से भेंट की। उन्होंने आश्रमाध्यक्ष के नेतृत्व में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं को एक मंच पर लाकर स्वच्छता के जनांदोलन को विलक्षण बताया। इस दौरान स्वामी चिदानंद मुनि ने स्वच्छता ही सेवा के दूसरे दिन उमा भारती व केंद्रीय सचिव परमेश्वरन अय्यर को स्वच्छता का प्रतीक रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।