उन्होंने महोत्सव के लिए प्रदेश सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उन अभियानों का खंडन किया जिनमें अल्पसंख्यकों के खतरे में होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा, कुछ लोग अमेरिका में जाकर कहते हैं कि सिखों को गुरुद्वारे में जाने से रोका जा रहा है।
ऐसे लोग विदेश में जाकर देश को बदनाम करते हैं। उन्होंने कहा, वह खुद अल्पसंख्यक हैं, लेकिन अपने जीवन में कभी अल्पसंख्यक होने का अनुभव नहीं किया। उन्होंने हज यात्रा में आए बदलावों का भी जिक्र किया। वहीं यह भी कहा कि सिख युवाओं के लिए दक्षता विकास के कार्यक्रम चलाए गए और उन्हें नौकरियां दिलाई गई।