रामपुर स्थित यूनियन कार्यालय में ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई गई। पदाधिकारियों ने सहायक संभागीय कार्यालय से ई-रिक्शा के पंजीकरण बंद करने की मांग की। यूनियन के संरक्षक सुंदर थापा ने कहा कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या क्षेत्र में गंभीर समस्या का रूप धारण कर रही है। जगह-जगह खुली एजेंसियों से लोग दस हजार देकर रिक्शा खरीदकर उसे सड़कों पर छोड़ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कई-कई रिक्शा खरीदकर उसे किराये पर संचालित करा रहे हैं। यूनियन में पंजीकरण नहीं होने के कारण इन रिक्शा के संचालकों से संबंधित कोई सूचना भी किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चे व विभिन्न प्रकार के नशा करने वाले भी ई-रिक्शा चलाकर यात्रियों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। इसलिए, सबसे पहले नए ई-रिक्शा के पंजीकरण पर रोक लगाई जानी चाहिए। इसके साथ ही बाहरी क्षेत्रों से आकर रिक्शा चलाने वालों की जांच व उनका सत्यापन भी किया जाना चाहिए। बैठक में यूनियन के अध्यक्ष सोनू, कोषाध्यक्ष बिलाल, संजय, मुकेश आदि उपस्थित रहे।