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Budget 2019: सीएम त्रिवेंद्र ने बताया गांव-गरीब और किसान का बजट, कांग्रेस ने कहा दिशाहीन

Sat, 06 Jul 2019 10:11 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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पीएम मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट को गांव-गरीब और किसान के कल्याण का बजट बताया है। उन्होंने अपने ट्वीटर एकाउंट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पहली फुलटाइम महिला वित्तमंत्री के तौर पर बजट पेश करने के लिए विशेष बधाई दी। वहीं कांग्रेस ने इसे दिशाहीन बजट बताया है।

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उन्होंने लिखा 'भारत की आत्मा गांवों में बसती है। इस बजट में गांव गरीब और किसान के कल्याण पर खास ध्यान दिया गया है। बजट मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक की संकल्पना को दर्शाता है। बजट में अर्थव्यवस्था सुधारने के साथ आम नागरिक के जीवन स्तर को सुधारने के भी प्रयास किए हैं।

इस बजट में आम जन के कल्याण की योजनाओं के साथ साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया है। पांच साल में बुनियादी सुविधाओं पर 100 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य है।
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जानिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले

- छोटे दुकानदारों को पेंशन, 59 मिनट में लोन। 
- मुद्रा स्कीम में महिलाओं को एक लाख तक का ऋण।
- श्रमिकों के लिए चार और कोर्ट बनेंगे।
- इलेक्ट्रिक कार पर मिलेगी छूट।
- 2022 तक हर किसी को घर, बिजली और 2024 तक हर घर में नल से पानी देने का लक्ष्य।
- किराए के मकानों के लिए आदर्श किराया कानून बनाया जाएगा।
- राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड बनेगा।
- सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाएगी, स्कूलों कालेजों में बदलाव का प्लान।
- 2 करोड़ ग्रामीणों को डिजिटल शिक्षा।
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कांग्रेस ने कहा-दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी बजट

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार के आम बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी और आम आदमी के हितों के खिलाफ  महंगाई बढ़ाने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने अपनी हठधर्मिता का परिचय देते हुए जो बजट प्रस्तुत किया है, देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला है।

देश की वित्त मंत्री ने बजट में आंकड़ों की बाजीगरी कर घुमाकर नाक पकड़ने का काम किया है। कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी वाले बजट में वित्तीय प्रबंधन का नितांत अभाव है। इस बजट से महंगाई बढ़ने के साथ ही आम आदमी के सिर पर बोझ बढे़गा। उन्होंने कहा है कि बजट के प्रावधानों से विकास दर दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी और न ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि घोषणाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा, इसका कोई उल्लेख बजट में नहीं है। बजट में आम जनता को महंगाई से निजात दिलाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है, उल्टा पेट्रोल-डीजल के दामों में एक रुपया अतिरिक्त सेस लगाकर महंगाई को बढ़ाने का काम किया है।

पिछले कार्यकाल में की गई नोटबंदी और जीएसटी से देश में कई हजार लघु उद्योग बंद हो गये थे, रियल स्टेट सेक्टर में काम पूरी तरह से ठप हुआ तथा किसानों को उनकी उत्पाद लागत न मिलने के कारण कृषि क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर न्यूनतम हुए हैं।

इन तीनों क्षेत्र में लगभग छह करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं। यूपीए सरकार के समय एफडीआई का विरोध करने वाली मोदी सरकार में बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की बात की जा रही है। महिलाओं, किसानों, बेरोजगार नौजवानों के लिए इस बजट में कोई विशेष प्रावधान नजर नही आता है।

मोदी सरकार ने जन अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतरीन बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट देश को आर्थिक तौर पर काफी आगे ले जाने वाला सहायक होगा। हर वर्ग की बेहतरी की बजट में चिंता की गई है। उत्तराखंड के खास संदर्भ में बात करें, तो स्वयं सहायता समूहों के लिए खास योजनाओं, पर्यटन विकास की योजनाओं से तस्वीर बदल सकेगी।
-मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड
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