जिससे 31 मार्च 2019 तक किसानों के खाते में दो हजार रुपये की पहल किश्त जमा हो जाएगी। इसके लिए केंद्र ने अंतरिम बजट में 75 हजार करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया है। वहीं, पशुपालन व मत्स्य पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने वालों को दो प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा।
यदि किसान ऋण को समय पर चुकाते हैं, तो उन्हें तीन प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा। इसके साथ ही केंद्र ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का बजट बढ़ा कर 750 करोड़ कर दिया है। वहीं पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाने की घोषणा की है।
केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बहुत बड़ा फैसला लिया है। छोटे किसानों को छह हजार रुपये की सहायता देने से प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। अंतरिम बजट में मोदी ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य क्षेत्र में फोकस है। इससे उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसान खेती की तरफ प्रोत्साहित होगा। - प्रेम चंद, प्रगतिशील किसान
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। छोटे किसान की आय बढ़ाने को बजट में प्राथमिकता दी है। इसका सबसे ज्यादा लाभ उत्तराखंड के किसानों को मिलेगा। यहां पर किसानों के पास छोटी-छोटी कृषि जोत है। कृषि, पशुपालन व मत्स्य क्षेत्र में रोजगार की सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं। - बीएस नेगी, सेवानिवृत्त, उद्यान निदेशक
भूमि का आकार (हेक्टेयर में) कृषि जोत
1.0 से कम 672138
1.0 से 2.0 157330
2.0 से 4.0 64781
4.0 से 10.0 17302
10.0 से अधिक 1099