डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि संहिता लागू होने से इसके दंड परिणामों के सापेक्ष पुलिस के क्या कर्तव्य होंगे, यह सब भविष्य में कार्यशालाओं के माध्यम से बताया जाएगा। इसके अलावा लोगों में पंजीकरण की अनिवार्यता, कानूनी परिणामों और उनके कानूनी अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ेंगे और संहिता का सफल क्रियान्वयन किस तरह किया जाएगा यह भी बताया जाएगा। शासन और पुलिस मिलकर इस कानून को लेकर चल रही भ्रांतियों को भी जन जागरूकता के माध्यम से दूर करेंगे।
इस कार्यशाला में अपर सचिव गृह डीआईजी निवेदिता कुकरेती ने सभी पहलुओं को विस्तार से बताया। इस दौरान लोगों की शंकाओं को भी दूर किया गया। इस वर्कशॉप में पुलिस अधिकारियों के अलावा मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, वक्फ ट्रिब्यूनल के सदस्य नदीम जैदी, अभियोजन अधिकारी जावेद अहमद, राज्य अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व सदस्य सीमा जावेद, श्रीगुरु सिंह सभा के प्रधान गुरबक्श सिंह राजन, क्लर्जी फलोशिप के अध्यक्ष सैमुअल लाल, नेहरू ग्राम चर्च के फादर अभिनव जैकब, डीएवी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन आदि उपस्थित रहे।