इस तरह हुईं तैयारियां
- 43 हितधारकों के साथ बैठकें हुईं।
- 72 गहन विचार विमर्श बैठकें की गईं।
- 49 लाख एसएमएस प्राप्त हुए।
- 29 लाख व्हाट्सएप मैसेज आए।
- 2.33 लाख नागरिकों ने सुझाव दिए।
- 61 हजार पोर्टलों पर सुझाव मिले।
- 36 हजार सुझाव डाक से मिले।
- 1.20 लाख सुझाव दस्ती से आए।
- 24 हजार ई-मेल से भी सुझाव आए।
इन देशों की यूसीसी का किया गया अध्ययन
सऊदी, तुर्कीए, इंडोनेशिया, नेपाल, फ्रांस, अजरबैजान, जर्मनी, जापान और कनाडा।
पहली बैठक 4 जुलाई 2022 को दिल्ली में
समिति ने बैठकों, परामर्शों, क्षेत्र के दौरे और विशेषज्ञों और जनता के साथ बातचीत के बाद मसौदा तैयार किया। इस प्रक्रिया में 13 महीने से अधिक का समय लगा। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी पहली बैठक 4 जुलाई 2022 को दिल्ली में की थी।
ढाई लाख लोगों से सीधे मिलकर इस मुद्दे पर उनकी राय जानी
इसमें महत्वपूर्ण पहलुओं पर जुलाई 2023 में एक मैराथन बैठक में विचार-विमर्श किया गया और इसे अंतिम रूप दिया गया। कमेटी को समान नागरिक संहिता पर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से करीब 20 लाख सुझाव मिले हैं। इनमें से कमेटी ने लगभग ढाई लाख लोगों से सीधे मिलकर इस मुद्दे पर उनकी राय जानी है।